हरिओम आनंद सुसाइड प्रकरण में वादी और गवाह मानसी आनंद के बयान के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। इस मामले में मानसी आनंद के एसआईटी के सदस्य ने गुरुवार को बयान दर्ज किए थे। इस दौरान मानसी ने कुछ बयान लिखित में भी दिए और कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर तीन लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को बुलाया गया था, लेकिन बयान नहीं हो सके। इन सभी को अब रक्षाबंधन के बाद मंगलवार को बयान के लिए बुलाया गया है।
आनंद अस्पताल के मालिक हरिओम आनंद ने 27 जून को आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने एसएसपी के नाम एक पत्र छोड़ा था, जिसमें सुभारती ट्रस्ट पर अपनी काफी रकम बकाया बताई थी। इसी आधार पर हरिओम आनंद की बेटी मानसी आनंद ने पुलिस को सुभारती ट्रस्ट के चेयरमैन और अस्पताल के शेयरधारकों के खिलाफ 26 जुलाई को मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में जांच के लिए एसएसपी अजय साहनी ने एसआईटी का गठन किया। गुरुवार को एसआईटी ने मानसी आनंद के घर पहुंचकर उनके बयान दर्ज किए थे। मानसी आनंद ने एफआईआर के अनुसार ही बयान कराए। कुछ लिखित बयान भी दिए और इन्हें जांच में शामिल करने के लिए कहा।
दूसरी ओर पुलिस ने फारुख, सोनू और ऋषिपाल को बयान दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को बुलाया था। हालांकि उनके बयान दर्ज नहीं हो सके। इन सभी लोगों को अब रक्षाबंधन के बाद बुलाया गया है। दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मानसी मुकदमे में वादी और गवाह है। इनके बयान के आधार पर मुकदमे में जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। उनके बयान के आधार पर ही बाकी लोगों से पूछताछ की जाएगी। सभी से जवाब मांगा जाएगा और तथ्यों को जुटाया जाएगा।
अपहरण का हल्ला मचा तो रुकी कार्रवाई
शुक्रवार को नौचंदी पुलिस ने कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ और बयान कराने के लिए बुलाया था। हालांकि इसी दौरान वाहन चोरी के मामले में गढ़मुक्तेश्वर पुलिस ने सेंट्रल मार्केट से एक व्यक्ति को उठा लिया। इसके बाद अपहरण का हल्ला मच गया। इसी चक्कर में पूरे थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच उलझ गई। ऐसे में किसी के बयान नहीं हो पाए।