मधुबन तहसील क्षेत्र के दुबारी के देवारा क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री किट नहीं वितरण किए जाने पर प्रदर्शन किया। उन्होंने बाढ़ से सम्पर्क मार्ग कट जाने के बाद रास्ते को नहीं बनवाये जाने पर भी विरोध किया। चेताया कि अविलम्ब मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो हम बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने को बाध्य हो जायेंगे।
ग्राम पंचायत दुबारी के खैरा, पब्बर का पुरा, मनमन का पुरा, हरिलाल का पुरा, भगत का पुरा, धूस, बैरकंटा आदि बारह पुरवे बाढ़ क्षेत्र में आते हैं। बीते दिनों घाघरा के बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई कि देवारा क्षेत्र के एक पुरवे से दूसरे पुरवे में आने जाने के लिए बनाया गया सम्पर्क मार्ग टूट कर बाढ़ के पानी में विलीन हो गया। खेतों में लगीं फसल नष्ट हो गई, पशुओं के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गई। निचले हिस्से में बने घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने से घरेलू सामानों के साथ घरों में रखें गेहूं चावल आदि सड़ गये। स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने राजस्व कर्मियों की देखरेख में बाढ़ राहत सामग्री किट वितरण कराया, जिससे बाढ़ पीड़ितों को तात्कालिक लाभ मिल सके। सबसे बड़ी बात यह है कि हरिलाल का पुरा में बाढ़ राहत सामाग्री नहीं बाटी गयी। यहां के लोगों का कहना है कि 225 परिवारों की राहत सामाग्री कहां गयी किसी को अता पता नही हैं। यदि आकलन किया जाये तो एक पैकेट राहत सामग्री पर 1500 रूपए खर्च किए गए थे। इस हिसाब से देखा जाए तो लगभग तीन लाख से ऊपर का गोलमाल किया गया है। इसी समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन से गांव के लोग शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। समस्या को लेकर हरिलाल के पुरा के ग्रामीण रविवार के दिन सुबह नौ बजे गांव के समीप इकट्ठा होने के बाद प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि जब तक गांव को बाढ़ राहत सामग्री किट वितरित नहीं हो जाता और मुख्य सड़क से गांव जाने वाले सम्पर्क मार्ग नहीं बन जाता तब तक वो लोग वोट का बहिष्कार करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से शीला देवी, कलावती देवी, सुनील चौहान, पवन, च्द्रिरका यादव, बगेदू, जयराम यादव, दीपक, श्याम, नीरज, सुरेश प्रसाद, दयाशंकर, संगम, लालजी गोंड,गौरव मौर्य, चंद्रावती, कमलेश चौहान, शिवकुमार साहनी, बबलू, रामभवन, खुखुन्दू चौहान एवं हरि साहनी आदि रहे।