बलिया : गंगा नदी के जलस्तर के कम होने के बाद बाढ़ का खतरा टल गया है। पानी कम होने के बाद कटानपीड़ित अपने घरों को लौटने लगे हैं।
गंगा नदी में उफान के बाद कटान तेज हो गया। इसके चलते गोपालपुर, उदयीछपरा आदि गांवों के दर्जनों लोगों की मकान कटान की जद में आ गया। खंडहर में तब्दील हो चुके आशियाना को छोड़कर पीड़ित एनएच 31 के पटरियों पर शरण लेने पहुंच गये। चूंकि अब पानी उतर रहा है लिहाजा कटान पीड़ित भी वापस लौटने लगे है। इनमें कई ऐसे लोग हैं जिनका घर-बार गंगा नदी निगल चुकी है, जबकि कई ऐसे भी है जो घर को अपने हाथों खंडहर में बदल चुके है।
रविवार को वापस लौटे कटान पीड़ित कंठे राम, नकुल राम, महेन्द्र तियर आदि परिवार समेत सूनी आंखों से जीवनदायनी गंगा को निहार रहे थे। उनका कहना था विपदा की इस घड़ी में न तो जनप्रतिनिधि और न ही कोई अफसर हालचाल जानने आ रहा है। उनका कहना है कि इस समस्या का सामाना गांव-घर के लोगों के साथ ही करना है।