भोपाल । मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने प्रदेश और देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, कानून व्यवस्था, महाकाल मंदिर जमीन विवाद, UCC कमेटी और Twisha Sharma संदिग्ध मौत मामले पर सरकार से जवाब मांगा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर अत्यधिक VAT और अतिरिक्त कर लगाकर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 29 प्रतिशत VAT, ₹2.5 प्रति लीटर अतिरिक्त टैक्स और अन्य उपकरों के कारण मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के ईंधन दामों में लगभग ₹12 प्रति लीटर तक का अंतर देखने को मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता महंगाई से परेशान है, जबकि सरकार जनता को खर्च कम करने की सलाह दे रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर भी सवाल उठाए और कहा कि जनता की समस्याओं से ध्यान हटाया जा रहा है।
Mohan Yadav द्वारा मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा किए जाने पर भी उमंग सिं्घार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जवाबदेही तय करना चाहती है, तो सबसे पहले गृह विभाग की स्थिति पर रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध, महिला अत्याचार, आदिवासियों पर हिंसा और माफिया गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में केवल समीक्षा बैठकों से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि सरकार को जनता के सामने वास्तविक रिपोर्ट कार्ड पेश करना चाहिए।
Twisha Sharma मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहा है, तो सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपनी बेटी को खोना बेहद दुखद होता है और ऐसे मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर परिवार की मांग पर उचित निर्णय सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि किसी प्रकार का अविश्वास या संदेह न रहे।
Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple से जुड़ी जमीनों के अधिग्रहण और खरीद-फरोख्त के मामलों को लेकर भी उमंग सिं्घार ने भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर परिसर के आसपास की जमीनों को लेकर जिस प्रकार राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, वह चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने आस्था और धर्म को भी जमीन कारोबार और भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया है। महाकाल मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, न कि राजनीतिक लाभ का साधन।
समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर आयोजित कमेटी बैठक पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने संवेदनशील विषय पर कुछ लोगों द्वारा बंद कमरे में निर्णय लेना उचित नहीं है। उनका कहना था कि देश संविधान से चलता है और किसी भी बड़े निर्णय से पहले ओबीसी, दलित, आदिवासी समाज, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और संवैधानिक विशेषज्ञों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है और उसे कमजोर करने का अधिकार किसी सरकार को नहीं है।