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बड़ी लापरवाही : महाराष्ट्र में एक ही बुजुर्ग को लगा दी दो अलग-अलग कोविड वैक्सीन, फिर क्या हुआ…

By: Amit ranjan 
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बड़ी लापरवाही : महाराष्ट्र में एक ही बुजुर्ग को लगा दी दो अलग-अलग कोविड वैक्सीन, फिर क्या हुआ…

नई दिल्ली : कोरोना महामारी को लेकर जहां पूरा देश त्रस्त है, वहीं इस महामारी से निपटने के लिए सरकार आम लोगों का वैक्सीनेशन करा रही है, जिससे वे इस महामारी से सुरक्षित रह सकें। लेकिन इस बीच लगातार देश के कई राज्यों से वैक्सीन कमी की भी खबरें आई, वहीं कई राज्यों और क्षेत्रों में अभी दूसरा फेज भी नहीं शुरू हुआ है। इसी बीच महाराष्ट्र के जालना जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।

दरअसल यहां एक बुजुर्ग को दो अलग-अलग वैक्सीन लगा दी गईं। बुजुर्ग को पहली डोज कोवैक्सीन की दी गई जबकि दूसरी डोज कोविशील्ड लगाई गई। बुजुर्ग के परिजनों का कहना है कि दूसरी डोज के बाद उन्हें हल्की दिक्कतें आ रही हैं। यह दुर्लभ घटना महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के गृहजनपद से सामने आई है जिसके बाद अधिकारी रडार पर हैं और बुजुर्ग पर निगरानी रखी जा रही है।

22 मार्च को ली थी पहली डोज

आपको बता दें कि जालना जिले के खांडवी गांव निवासी दत्तात्रेय वाघमरे (72) ने 22 मार्च को पर्तूर के एक ग्रामीण अस्पताल में कोवैक्सीन की पहली डोज ली थी जबकि 30 अप्रैल को सृष्टि गांव के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्हें कोविशील्ड की डोज दे दी गई।

बुजुर्ग को रैशेज के साथ हल्का बुखार

वाघमरे के बेटे दिगंबर ने बताया कि उनके दूसरी डोज लेने के बाद उनके पिता को शरीर में रैशेज के साथ हल्का बुखार और एंजाइटी की शिकायत हो रही है। दिगंबर ने बताया कि, ‘हम उन्हें पर्तूर के स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए जहां उन्हें कुछ दवाइयां दी गईं। हेल्थ मशीनरी की तरफ से लापरवाही कुछ दिन पहले ही नोटिस की गई जब मैंने अपने पिता के दोनों वैक्सिनेशन सर्टिफिकेट देखे। दिगंबर हेयर कटिंग सैलून चलाते हैं।’

स्वास्थ्य अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप

इस घटना के बाद परिवार ने स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित किया जिसके बाद डॉक्टरों की एक टीम वाघमरे के चेकअप के लिए घर पहुंची। वाघमरे हार्ट पेशेंट हैं और कुछ साल पहले उनकी बाइपास सर्जरी हो चुकी है। दिगंबर ने बताया कि, ‘मेरे पिता पढ़े-लिखे नहीं है और मैं भी। यह टीकाकरण केंद्र में मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि मेरे पिता को दोनों डोज एक ही वैक्सीन की लगाई जाती।’

वहीं औरंगाबाद डिविजन के स्वास्थ्य उपनिदेशक स्वप्निल लाले ने बताया कि घटना पर जांच के आदेश दिए गए हैं। वह कहते हैं, ‘हम जालना जिला स्वास्थ्य अधिकारी से मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बुजुर्ग का स्वास्थ्य स्थिर है और उन्हें आगे कोई दिक्कत नहीं हुई है।’

आपको बता दें कि देश में अभी कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा फेज चल रहा है जिसमें 18 साल से 44 वर्ष के लोगों को वैक्सीन लगाया जा रहा है। वहीं अभी भी कुछ क्षेत्रों में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाया जा रहा है, जबकि उससे कम उम्र के लोगों को अभी भी वैक्सीन नहीं लग पा रही है।

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