{ केदारनाथ से नरेश भट्ट की रिपोर्ट }
शीतकाल के नवम्बर, दिसम्बर और जनवरी माह में केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी हुई है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष केदारनाथ में कम बर्फबारी हुई है और बर्फबारी से नुकसान भी कम हुआ है। हालांकि विद्युत पोलों के अलावा पेयजल लाइनों को भारी क्षति पहुंची है।
21 फरवरी को शिवरात्रि के महापर्व पर केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि घोषित हो रही है। ऐेसे में अब प्रशासन ने भी यात्रा तैयारियां शुरू कर दी हैं।

केदारनाथ धाम में अभी भी पांच फीट तक बर्फ है। प्रशासन की एक एडवांस टीम 21 फरवरी को केदारनाथ धाम जायेगी और पैदल मार्ग से बर्फ को हटाने का कार्य शुरू करेगी। प्रशासन का दावा है कि केदारनाथ धाम में अप्रैल प्रथम सप्ताह तक व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया जायेगा।

सबसे पहली प्राथमिकता विद्युत और पानी की आपूर्ति सुचारू करने की रहेगी। पैदल मार्ग से बर्फ हटाने के बाद आवश्यक सामग्री केदारनाथ भेजी जायेगी।

शिवरात्रि के पर्व पर 21 फरवरी को कपाट खोलने की तिथि घोषित होगी। ऐसे में अब दो माह के भीतर प्रशासन के सामने यात्रा व्यवस्थाएं दुरूस्त करने की चुनौती होगी। जिलाधिकारी का कहना है कि अप्रैल प्रथम सप्ताह तक पैदल मार्ग से बर्फ को साफ किया जायेगा। पिछले वर्ष की तुलना में बर्फबारी से इस बार कम नुकसान हुआ है। प्रशासन का मकसद है कि यात्रियों को समय पर सभी प्रकार की व्यवस्थाएं मिल सके।