रिपोर्ट : मोहम्मद आबिद
पश्चिम बंगाल की सियासत से हर कोई वाकिफ हैं जहां जय श्री राम के नाम से बवाल हो जाता है और ममता बनर्जी का चेहरा लाल हो जाता है। बतादें की अबसे पहले कई बार प्रभु श्रीराम के नारे लगने के लेकर कई बार झगड़ा हुआ है मारपीट तक नौबत आ गई है।
पश्चिम बंगाल में जहां दुर्गा पूजा की जाती है तो दूसरी तरफ ममता बनर्जी के सामने प्रभु श्रीराम के नारे लगते है तो वो गुस्से से लाल होकर बैखला जाती है।
प्रभु श्रीराम के नाम पर ममता बनर्जी के गुस्सा होने को लेकर अदाकार और पार्टी की सांसद नुसरत जहां का एक बयान सामने आया है जहां उन्होंने कहा है की किसी को बार बार चिढ़ाने पर गुस्सा आना लाजमी है और आता है वहीं ममता बनर्जी के साथ हुआ है।

टीएमसी सांसद नुसरत जहां ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती कार्यक्रम की बात करते हुए कहा की नेताजी के कार्यक्रम में राम का नारा चिढाने के मकसद से लगाया गया था और ऐसे में बार-बार एक ही नारे के प्रयोग से गुस्सा आना लाजमी है.’
अदाकारा, टीएमसी सांसद नुसरत जहां ने सुभाष चंद्र बोस कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कीर हमें राम का नाम लेने में कोई परेशानी नहीं है और बीजेपी ने नेताजी के जन्म समारोह को अपना इवेंट बना दिया. और अगर राम का नाम लेना जरूरी मानते हैं तो बाकी भगवान का नाम भी लेने में कोई परहेज नहीं होना चाहिए।
इसके साथ ही नुसरत ने आरोप लगाया कि नेताजी बोस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का अपमान किया गया. बीजेपी ने इस कार्यक्रम को राजनीतिक इवेंट में परिवर्तित कर दिया. उन्होंने कहा कि जय श्री राम बीजेपी का स्लोगन नहीं है तो मां माटी मानुष TMC का भी नहीं है।