मध्य प्रदेश के विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के लिए स्लीमनाबाद टनल परियोजना को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। करीब 1600 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना का उद्देश्य नर्मदा नदी के पानी को सूखाग्रस्त क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जिससे किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
सरकार के अनुसार, परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र के लगभग 1450 गांवों की करीब 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। किसानों को बेहतर जल उपलब्धता मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हित और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। सरकार का लक्ष्य है कि बड़ी परियोजनाओं को केवल शुरू ही नहीं किया जाए, बल्कि उन्हें तय समय सीमा में पूरा कर जनता को उनका लाभ पहुंचाया जाए।

स्लीमनाबाद टनल परियोजना को क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि बेहतर सिंचाई व्यवस्था से किसानों की आय में वृद्धि होगी और खेती को नई दिशा मिलेगी।
परियोजना के निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि इसे निर्धारित समय में पूरा कर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को इसका लाभ जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जा सके।