भोपाल में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को लेकर जारी चर्चा के बीच भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने सरकार की नीति का समर्थन किया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इथेनॉल उत्पादन से किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मदद मिल सकती है।
के. साईं रेड्डी ने बताया कि उनकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात हुई, जिसमें प्रदेश के कृषि और औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। उन्होंने मुरैना की बंद पड़ी शुगर फैक्ट्री का भी निरीक्षण किया और उम्मीद जताई कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आने वाले वर्षों में इसका संचालन दोबारा शुरू हो सकता है।
भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की इच्छा है कि शुगर फैक्ट्रियों का संचालन सहकारी मॉडल के तहत किया जाए। उनके अनुसार, गन्ने के रस के अलावा मक्का और चावल जैसी फसलों से भी इथेनॉल का उत्पादन संभव है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं।

रेड्डी ने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ने से प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने इसे पर्यावरण के अनुकूल कदम बताते हुए कहा कि इथेनॉल उत्पादन और उपयोग से कृषि एवं ऊर्जा क्षेत्र दोनों को लाभ मिलने की संभावना है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत में इथेनॉल मिश्रण की नीति पर पहले भी चरणबद्ध तरीके से काम किया गया है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
के. साईं रेड्डी ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में इथेनॉल और शुगर आधारित नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं हैं। उनके अनुसार, यदि ऐसी परियोजनाएं आगे बढ़ती हैं तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।