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71 सालों से झील के नीचे छिपे हुआ था यह गांव, देखकर लोगों का यकीन करना हुआ मुश्किल, देखें दुर्लभ तस्वीरें

By: Amit ranjan 
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71 सालों से झील के नीचे छिपे हुआ था यह गांव, देखकर लोगों का यकीन करना हुआ मुश्किल, देखें दुर्लभ तस्वीरें

नई दिल्ली : पृथ्वी अपने गर्भ में ऐसे रहस्यों को छिपाये हुए है, जो किसी ना किसी कारण से दुनिया के सामने आता है, जिसे देखकर लोग यकीन नहीं कर पाते। ऐसा ही कुछ इटली में हुआ, जिसे लेकर यहां स्थित रेसिया झील चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल जिस इतिहास इटली सरकार ने भूतकाल के गर्त में छिपा दिया था, वो अचानक सामने आ गई।

आपको बता दें कि रेसिया झील  अपने बर्फीले पानी के बीच मौजूद 14वीं शताब्दी के एक चर्च (Church) की मीनार के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन फिलहाल यहां एक खोया हुआ गांव मिला है, जिसके बाद से लोग इसके बारे में जानकर काफी हैरान हैं। बता दें कि रेसिया झील (Lake Resia) टायरॉल (Tyrol) के अल्पाइन क्षेत्र में स्थित है। यह वहां की सबसे मशहूर आर्टिफिशियल झीलों (Artificial Lake) में से एक है। इसका पानी बर्फीला है और उसके बीच में 14वीं शताब्दी के एक चर्च की मीनार है।

आपको बता दें कि टायरॉल (Tyrol) नामक जगह ऑस्ट्रिया (Austria) और स्विट्जरलैंड (Switzerland) की सीमा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब कई वर्षों बाद इसकी मरम्मत का काम शुरू हुआ तो उसके पानी को अस्थायी रूप से सुखाया गया। तब लोगों को जलमग्न गांव की तस्वीरें देखने को मिलीं। लेक रेसिया (Lake Resia) को जर्मन (German) में रेसचेन्सी (Reschensi) नाम से भी जाना जाता है।

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1950 में झील में समाने से पहले क्यूरॉन नाम का गांव (Village Curon) कई हजार लोगों का घर हुआ करता था। एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट (Hydroelectric Plant) बनाने के लिए सरकार ने 71 साल पहले एक बांध का निर्माण करवाया था, जिसके लिए दो झीलों को मिलाकर एक झील बना दिया गया था।

1950 में गांव के निवासियों की आपत्ति के बावजूद भी अधिकारियों ने एक बांध बनाने और पास की 2 झीलों को मिलाने का फैसला किया था। उसी समय यह गांव पानी की गहराई में खो गया था। इस वजह से 160 से ज्यादा घर उसी झील में जलमग्न हो गए थे। कुछ लोग आस-पास घर बनाकर रहने लगे थे लेकिन क्यूरॉन गांव (Village Curon) पूरी तरह से गायब हो गया था।

बता दें कि यह झील गर्मियों में हाइकर्स (Hikers Destination) की पसंदीदा जगह है। सर्दियों में इसके जम जाने पर यहां आने वाले लोग झील पर चलकर चर्च के शिखर तक पहुंचते हैं। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की पहली भाषा जर्मन है। आपको बता दें कि इस तरह के ऐसे कई रहस्य भविष्य के गर्त में छिपे हुए है, जो भविष्य में ही सामने आयेगा।

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