रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: क्रिकेट का रोमांच किसी भी देश की टीम के लिए एक जैसा ही होता है, वैसे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सभी टीमें मजबूत ही मानी जाती है। इन टीमों के मजबूती का फैंसला केवल जीत और हार ही तय करता है। बात करें दक्षिण अफ्रीका की तो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपना लोहा मनवा चुकी दक्षिण अफ्रीका की टीम ने साल 2011 को वर्ल्ड कप का क्वॉर्टर फाइनल में न्यूजीलैंड से मैच हार गई थी। सभी के लिए तो केवल अफ्रीका मैच हारी थी, लेकिन टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी फॉफ डु प्लेसिस को मैच हारने का गम तो था ही, इसके साथ जान से मारने की धमकी मिलने से डर भी हो गया था।

आपको बता दें कि डु प्लेसिस ने मैच में मिला हार के बाद उनकी पत्नी और उनको जान से मारने की धमकी दी गई थी। साल 2011 का वर्ल्ड कप भारत-बांग्लादेश और न्यूजीलैंड में आयोजित हुआ था। टूर्नामेंट का यह क्वॉर्टर फाइनल मैच बांग्लादेश में ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेला गया, जहां साउथ अफ्रीकी टीम 222 रन का लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई और 49 रनों से यह मैच हार गई था। ग्रीम स्मिथ की अगुवाई वाली यह टीम सिर्फ 172 रनों पर सिमट गई, जबकि उसकी पारी में अभी 40 बॉलें और फेंकी जाना बाकी थीं।
इस मैच में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आये डुप्लेसिस ने 43 बॉल की अपनी पारी में 36 रनों का योगदान दिया था, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए। मैच में हार के दुख के साथ-साथ उनकी घबराहट तब और बढ़ गई, जब सोशल मीडिया पर उन्हें और उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी मिलने लगी।
इस खौफनाक घटना जिक्र करते हुए डुप्लेसिस ने एक मासिक पत्रिका को बताया कि, “उस मैच में हार के बाद मुझे मौत की धमकियां मिल रही थीं। मेरी पत्नी को मौत की धमकियां मिल रही थीं। हमने सोशल मीडिया चलाया तो यहां हम पर खूब हमले हो रहे थे। ये बेहद निजी हो चुके थे। तब वहां ऐसी अपराधजनक बातें हमें कही गईं, जिसका मैं यहां जिक्र नहीं कर सकता।“
टीम के दिग्गज बल्लेबाज और टीम के पूर्व कप्तान 36 वर्षीय डुप्लेसिस ने आगे बताया कि, “इस घटना से लोगों के प्रति आप अंतर्मुखी बन जाते हैं। टीम के सभी खिलाड़ी ऐसी ही चीजों का सामना कर रहे थे, जिसने हमें हमारा दायरा सीमित रखने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद से मैं अपना दायरा बहुत छोटा और सीमित रखता हूं।”