भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के त्योहार रक्षाबंधन बिना मिठाइयों के पूरा हो ही नहीं सकता है लेकिन इस बार कोरोना के संकट के कारण माहौल फीका है।
दरअसल ग्राहकों की जेब पर महामारी की मार के साथ ही कई स्थानों पर हो रहे लॉकडाउन के कारण कम से कम 5000 करोड़ का नुकसान इस बार मिठाई उद्योग को हुआ है।
पिछले साल रक्षाबंधन के मौके पर देशभर में करीब 10,000 करोड़ रुपये की मिठाइयां बिकी थीं. लेकिन इस बार यह आंकड़ा 5,000 करोड़ रुपये के आस-पास ही रहेगा।
दरअसल रक्षाबंधन से जन्माष्टमी के बीच होने वाला मिठाई कारोबार सालभर में इसकी कुल त्योहारी बिक्री का करीब 25 फीसद होता है।