अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल भारतीय टीम भले ही हार गया हो लेकिन कुछ खिलाड़ीयों ने अपने कमाल के प्रदर्शन से सब दिल जीत लिया। जिनमें से एक है रवि विश्नोई। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में इस खिलाड़ी ने एक बार फिर से शानदार प्रदर्शन किया। रवि फाइनल में टीम इंडिया के इकलौते सफल गेंदबाज रहे। विश्नोई ने 10 ओवर में 3 मेडन समेत 30 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए। इस वर्ल्ड कप टूर्नामेंट रवि सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी रहे।
लेकिन क्या आप जानते है इस खिलाड़ी के सिर पर क्रिकेट का इतना जुनूल चढा हुआ था जिसके चलते साल 2018 में रवि विश्नोई को 12वीं के बोर्ड एग्जामछोड़ दिए थे। दरअसल इस बीच आईपीएल सत्र की शुरुआत हो चुकी थी और रवि को राजस्थान रॉयल्स के लिए नेट बोलिंग करने का मौका मिला था। रवि के पिता ने उन्हें फोन कर रॉयल्स का कैंप छोड़ अपने 12वीं के एग्जाम पर ध्यान लगाने के लिए कहा था। रवि भी अपने पिता की बात को मानने को तैयार थे।
लेकिन फिर रवि ने अपने दो कोचों से इस पर बात कि तो उन्होंने रवि को बताया कि वर्ल्ड क्लास बल्लेबाजों के सामने नेट में बोलिंग करना कोई छोटी बात नहीं है। यहां से पहचान मिली तो फिर क्रिकेटर बनने का सपना सच हो सकता है। इसी साल रवि ने अपनी लेग स्पिन से क्रिकेट जगत में एक अलग पहचान बनाई। बाद में रवि ने अपने पिता की बात न मानकर क्रिकेट प्रैक्टिस जारी रखी और अपने बोर्ड एग्जाम छोड़ दिए।1