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यह भारत की शक्ति है, जिसने हाल के वर्षों में कई गुना वृद्धि: पीएम मोदी

By: RNI Hindi Desk 
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यह भारत की शक्ति है, जिसने हाल के वर्षों में कई गुना वृद्धि: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्‍यसभा में राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव का जवाब दे रहे हैं। उच्च सदन में अभिभाषण पर चर्चा शुक्रवार को पूरी हो गई थी। साथ ही किसान आंदोलन को लेकर भी चर्चा हुई थी।

दिल्‍ली की सीमाओं पर जमे आंदोलनकारी किसानों को लेकर लोकसभा का माहौल खासा गर्म है। कोरोना मुद्दे पर भी पीएम मोदी बोले राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर भी हंगामे के चलते निचले सदन में कोई चर्चा नहीं हो पाई है। ऐसे में, आज प्रधानमंत्री मोदी के राज्‍यसभा में संबोधन पर सबकी नजरें हैं।

पीएम ने बोला पूरा विश्व अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है। शायद ही किसी ने सोचा होगा कि मानव जाति को ऐसे कठिन दौर से गुजरना होगा, ऐसी चुनौतियों के बीच।

उन्होंने कहा अगर हम पूरी दुनिया को देखें और इसकी तुलना भारत के युवा दिमाग से करें, तो ऐसा लगता है कि भारत अवसरों की भूमि में बदल गया है। एक देश जो युवा है, उत्साह से भरा है और अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करता है, ऐसे अवसरों को कभी नहीं जाने देगा।

प्रधानमंत्री बोले राज्य सभा में करीब 13-14 घंटे तक 50 से अधिक माननीय सदस्यों ने अपने बहुमूल्य विचार रखे। इसलिए मैं सभी आदरणीय सदस्यों का हृदय पूर्वक आभार व्यक्त करता हूं।

उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा अनेक चुनौतियों के बीच राष्ट्रपति जी का इस दशका का प्रथम भाषण हुआ। लेकिन ये भी सही है जब पूरे विश्व पटल की तरफ देखते हैं, भारत के युवा मन को देखते हैं तो ऐसा लगता है कि आज भारत सच्चे में एक अवसरों की भूमि है। अनेक अवसर हमारा इंतजार कर रहे हैं।

पीएम बोले जो देश युवा हो। जो देश उत्साह से भरा हुआ हो। जो देश अनेक सपनों को लेकर संकल्प के साथ सिद्धि को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हो। वो देश इन अवसरों को कभी जाने नहीं दे सकता।

कोरोना के दौरान, दुनिया भर में स्थितियाँ विनाशकारी थीं। किसी की मदद करना एक बड़ी चुनौती थी। देश एक दूसरे की मदद नहीं कर सकते, और यहां तक ​​कि परिवार के सदस्य भी एक-दूसरे की मदद करने में विफल रहे।

उन्होंने आगे कहा भारत की महामारी से निपटने में संदेह दुनिया भर में था। कोरोना सिर्फ भारत के लिए खतरा नहीं था, बल्कि पूरे मानव जाति पर था। भारत ने एक नए रवैये और दिमाग के फ्रेम के साथ अपने नागरिकों को बचाने के लिए एक अज्ञात दुश्मन का मुकाबला किया।

पीएम ने कहा हमें रास्ते तलाशने, तरीके बनाने और लोगों को बचाना था। पूरे देश ने अच्छा प्रदर्शन किया और दुनिया स्वीकार करती है कि भारत ने मानव जाति को बचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा हम सभी के लिए ये भी एक अवसर है कि हम आजादी के 75 वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, ये अपने आप में एक प्रेरक अवसर है। हम जहां भी, जिस रूप में हों मां भारती की संतान के रूप में इस आजादी के 75वें पर्व को हमें प्रेरणा का पर्व मनाना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कोरोना की लड़ाई जीतने का यश किसी सरकार को नहीं जाता है, किसी व्यक्ति को नहीं जाता है। लेकिन हिंदुस्तान को तो जाता है। गर्व करने में क्या जाता है? विश्व के सामने आत्मविश्वास से बोलने में क्या जाता है?

प्रधानमंत्री ने कहा भारत के लिए दुनिया ने बहुत आशंकाएं जतायी थीं। विश्व बहुत चिंतित था कि अगर कोरोना की इस महामारी में अगर भारत अपने आप को संभाल नहीं पाया तो न सिर्फ भारत पूरी मानव जाति के लिए इतना बड़ा संकट आ जाएगा, ये आशंकाएं सभी ने जताई।

उन्होंने आगे कहा भारत ने महामारी के दौरान वैश्विक संबंधों में एक स्थिति और छवि को मजबूत किया है। इसी अवधि के दौरान, इसने हमारे संघवाद को भी मजबूत किया है। मैं सहकारी संघवाद को मजबूत करने पर राज्यों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

मोदी ने कहा लोकतंत्र को लेकर यहां काफी उपदेश दिए गए हैं। लेकिन मैं नहीं मानता हूं कि जो बातें यहां बताई गईं हैं, उसमें देश का कोई भी नागरिक भरोसा करेगा। भारत का लोकतंत्र ऐसा नहीं है कि जिसकी खाल हम इस तरह से उधेड़ सकते हैं।

मोदी बोले भारत लोकतंत्र की जननी है। भारत का प्रशासन लोकतांत्रिक है-परंपराओं, इसकी संस्कृति, इसकी विरासत और इसकी इच्छाशक्ति सभी लोकतांत्रिक है – हमें एक लोकतांत्रिक देश बनाते हैं।

उन्होंने कहा इस कोरोना काल में भारत ने वैश्विक संबंधों में एक विशिष्ट स्थान बनाया है, वैसे ही भारत ने हमारे फेडरल स्ट्रक्चर को इस कोरोना काल में, हमारी अंतर्भूत ताकत क्या है, संकट के समय हम कैसे मिलकर काम कर सकते हैं, ये केंद्र और रज्य सरकार ने मिलकर कर दिखाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार एक रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, भारत की कृषि उपज एक रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, हम इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के मामले में दूसरे स्थान पर हैं और हर महीने, हम UPI के माध्यम से 4 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन करते हैं।

उन्होंने कहा यह भारत की शक्ति है, जिसने हाल के वर्षों में कई गुना वृद्धि की है। मोबाइल फोन के निर्माता के रूप में, भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।

पीएम ने कहा भारत के राष्ट्रवाद पर चौतरफा हो रहे हमले से आगाह करना जरूरी है। भारत का राष्ट्रवाद न तो संकीर्ण है, न स्वार्थी है, न आक्रामक है। ये सत्यम, शिवम, सुंदरम मूलों से प्रेरित है।” ये वक्तव्य आजाद हिंद फौज की प्रथम सरकार के प्रथम प्रधानमंत्री नेताजी का है।

मोदी बोले “हमारा लोकतंत्र किसी भी मायने में वेस्टर्न इंस्टीट्यूशन नहीं है। ये एक ह्यूमन इंस्टीट्यूशन है। भारत का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थानों के उदाहरणों से भरा पड़ा है। प्राचीन भारत में 81 गणतंत्रों का वर्णन मिलता है।

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