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दोस्त से बाजी लगाने के बाद गई युवक की जान, पी ली थी अत्यधिक शराब और नहीं आया होश

By: Amit ranjan 
Updated:
दोस्त से बाजी लगाने के बाद गई युवक की जान, पी ली थी अत्यधिक शराब और नहीं आया होश

नई दिल्ली : शराब एक ऐसा पेय पदार्थ जिससे किसी भी राज्य सरकार को अधिक टैक्स की प्राप्ति होती है, हालांकि कई राज्यों में शराब प्रतिबंधित है, फिर भी चोरी-छिपे शराब की सप्लाई की जाती है। जो मुंहमांगी कीमतों पर बिकती है, जिसे शराब के आदि लोग खरीदते भी है। वहीं कई मामलों में यहीं शराब जानलेवा बन जाता है। एक ऐसा ही मामला बिहार के बक्सर जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के चौसा का है, जहां दोस्त से शराब की बाजी लगाना एक शख्स को भारी पड़ गया। जिसकी कीमत उसे अपनी जान देकर गंवानी पड़ी।

मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अत्यधिक शराब की पीने की वजह से युवक की मौत हुई है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि जहरीली शराब पीने से उसकी जान गई है। बता दें कि मृतक बढ़ई का काम करता था और रविवार को भी वो रोज की तरह सुबह छह बजे काम करने दुकान गया था।

मृतक के परिजनों ने बताया कि जिस दुकान पर युवक काम कर रहा था, उसने मृतक से शराब पीने की बाजी लगाई। शर्त के चक्कर में अत्यधिक शराब पीने के बाद वो बेहोश हो गया। इधर, जब परिजन पिंटू का खाना लेकर पहुंचे तो देखा कि वह बेहोश पड़ा हुआ है। जब परिजनों ने पूछताछ की, तो बताया गया कि उसने अधिक शराब पी है, इसलिए सो गया है, बाद में उठ जाएगा।

लेकिन शाम तक उसकी तबीयत बिगड़ गयी। जिसके बाद इलाज के लिए उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दी। मृत व्यक्ति की पहचान चौसा के जयराम राम के रूप में की गयी है। इस पूरे मामले में परिजनों का आरोप है कि दुकानदार ने अधिक मात्रा में जहरीली शराब पिला दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

आपको बता दें कि मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दुकानदार को शराब पिलाने के आरोप में हिरासत लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। दुकानदार के पिता सिया राम चौधरी ने बताया कि सूबे में शराबबंदी पूरी तरह फेल है। सभी जगह शराब मिल रही है।

इधर, घटना की जांच करने पहुंचे सदर डीएसपी ने बताया कि विषाक्त पदार्थ के सेवन के कारण युवक की मौत हुई है। मामला शराब से जुड़ा हुआ है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई आवेदन नहीं मिला है। मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। कुछ लोगों से थाने में बुलाकर पूछताछ की जा रही है।

आपको बता दें कि इससे पहले भी बिहार में शराब से जुड़े ऐसे कई केस सामने आ चुके है, जिसे लेकर लगातार बिहार सरकार पर लापरवाही होने का इल्जाम लगता रहा हैं, क्योंकि बिहार में शराबबंद के बावजूद अभी भी वहां चोरी-छिपे शराबों की बिक्री हो रही है, जिसमें कभी-कभी बिहार प्रशासन की भी भूमिका सामने आती है।

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