मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता का सरकार पर अटूट विश्वास ही प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य एक नया, विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश गढ़ना है, जहां गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाएं सभी सशक्त और समृद्ध हों। मुख्यमंत्री शुक्रवार को सीधी जिले की सिंहावल विधानसभा अंतर्गत तहसील मुख्यालय बहरी में आयोजित प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सीधी जिले के लिए 201 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत से 209 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसके साथ ही ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना अंतर्गत 11 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से 505 कार्यों का शुभारंभ भी किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहरी में नया कॉलेज खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि यह अगले शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ होगा। इसके साथ ही सिंहावल और देवसर कॉलेजों में विज्ञान और वाणिज्य संकाय शुरू किए जाएंगे। उन्होंने देवसर में पार्ट टाइम एडिशनल कलेक्टर कोर्ट को फुल टाइम करने की घोषणा की, जिससे स्थानीय लोगों को प्रशासनिक सुविधा मिलेगी।
सड़क एवं पुल परियोजनाओं की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि-
बहरी से चुरहट तक 64.54 कि.मी. लंबी टू-लेन सड़क 129 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी
गोपद नदी पर 500 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा
महान नदी पर रपटा निर्माण किया जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी जिले में सभी प्रकार के उद्योग-धंधे स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजा दरी सीधी की विशिष्ट पहचान है और राज्य सरकार इसे GI टैग दिलाने के लिए प्रयासरत है। सिंहावल ब्लॉक में पंजा दरी और कालीन बुनाई से जुड़े क्लस्टरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में हो रहे भारी निवेश से इस पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी से 31 मार्च तक प्रदेशभर में ‘संकल्प से समाधान महाअभियान-1’ चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत राज्य सरकार की 106 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ घर-घर पहुंचाया जाएगा। यह अभियान चार चरणों में संचालित होगा-
12 जनवरी-15 फरवरी: घर-घर आवेदन संग्रह
16 फरवरी-16 मार्च: क्लस्टर स्तर पर शिविर
16-26 मार्च: ब्लॉक स्तर पर निराकरण
26-31 मार्च: जिला स्तर पर अंतिम समाधान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
पात्र किसानों को सालाना 12 हजार रुपये की सहायता
गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना में 40 लाख तक अनुदान
कोदो-कुटकी सहित श्रीअन्न की खरीदी और बोनस
महिलाओं के लिए-
लाड़ली बहनों को 1500 रुपये प्रतिमाह, जो आगे बढ़ेंगे
अब तक लगभग 50 हजार करोड़ रुपये वितरित
रोजगार आधारित उद्योगों में काम पर 5000 रुपये अतिरिक्त सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीधी जिला-
रीवा से 6 लेन टनल से जुड़ा पहला जिला है
रीवा-सतना में एयरपोर्ट, सिंगरौली में हवाई सेवा चालू
जल्द सीधी-सिंगरौली रेल सुविधा
एयर एंबुलेंस सेवा आयुष्मान हितग्राहियों के लिए निःशुल्क
पर्यटन के क्षेत्र में संजय टाइगर रिजर्व, सोन घड़ियाल अभयारण्य और सोन नदी क्षेत्र को बढ़ावा मिल रहा है।
सीधी-सिंगरौली सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने सीधी को औद्योगिक विकास यात्रा से जोड़ने और महुआ आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग रखी। सिंहावल विधायक विश्वामित्र पाठक ने क्षेत्र में लाइम स्टोन आधारित उद्योगों से रोजगार सृजन की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद कर उनके द्वारा बनाए गए लड्डुओं का स्वाद लिया और कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र को विकास से वंचित नहीं रहने देंगे।” सीधी जिले को मिली यह विकास सौगात, औद्योगिक संभावनाएं, सामाजिक कल्याण योजनाएं और मजबूत कनेक्टिविटी आने वाले वर्षों में पूरे विंध्य क्षेत्र को नई दिशा देने वाली साबित होंगी।