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“विपक्ष में रहते हुए जो महंगाई बीजेपी को डायन लगती थी, वही महंगाई सत्ता में आते ही अप्सरा लगने लगी” : सुरजेवाला

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ती कीमतों का असर खाद्य सामाग्री और वस्तुओं के कीमतों पर भी हो रहा है। जिस कारण कई जरूरी वस्तुओं की कीमत आसमान छूने लगे है। वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों से आम आदमी की जीवन हलकान है। क्योंकि एक तरफ जहां इस बढ़ती महंगाई ने लोगों का जीना हराम कर रखा है, वहीं कोरोना और लॉकडाउन के कारण बेरोजगार हुए लोगों की भी हालत त्रस्त है।

देश में लगातार बढ़ती इसी महंगाई को लेकर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए जो महंगाई बीजेपी को डायन लगती थी वही महंगाई सत्ता में आते ही अब अप्सरा लगने लगी है। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी पर एक के बाद एक कई हमले बोले। सुरजेवाला ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी हमला बोला है।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सुरजेवाला ने कहा कि मौजूदा विस्तार केंद्रीय कैबिनेट का नहीं, बल्कि ‘सत्ता की भूख’ का विस्तार है। इस दौरान सुरजेवाला ने कहा कि अगर कामकाज और शासन को आधार बनाया जाए तो पीएम मोदी को और उनके कई मंत्रियों को पद से हटा दिया जाना चाहिए।

सुरजेवाला ने कहा कि, ”यह विस्तार मंत्रिपद का नहीं है यह सत्ता की भूख का विस्तार है। अगर मंत्रिमंडल का विस्तार है तो वह कामकाज और शासन के आधार पर किया जाए।”

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन पर हमला बोलते हुए सुरजेवाला ने कहा कि, ”अगर कामकाज के आधार पर मंत्रिमंडल में फेरबदल हो रहा है तो सबसे पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन को हटा दिया जाना चाहिए। वहीं पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी हटा दिया जाना चाहिए जिन्होंने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क की लूट के बोझ तले देश की जनता को दबा दिया।”

इस दौरान सुरजेवाला ने कहा कि, ”खाद्य मंत्री को भी हटा देना चाहिए।” सुरजेवाला ने कहा, ”सरकार के पास गरीब के लिए तो खाद्यान नहीं हैं जबकि शराब बनाने वाली इकाइयों को एक लाख टन चावल दिया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि इस विस्तार में ”वित्त मंत्री को भी हटा देना चाहिए जिन्होंने जीडीपी को माइनस में कर दिया।”

आपको बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मोदी कैबिनेट से अब तक कई मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई है, जिनमें प्रमुख नाम डॉ. हर्षवर्धन (स्वास्थ्य मंत्री), रमेश पोखरियाल निशंक (शिक्षा मंत्री), संतोष गंगवार (श्रम मंत्री), देबोश्री चौधरी (महिला राज्य मंत्री), सदानंद गौड़ा (रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय), संजय धोतरे (केंद्रीय राज्य मंत्री), थावरचंद गहलोत (राज्यपाल बने), प्रताप सारंगी (राज्य मंत्री), रतनलाल कटारिया (राज्य मंत्री), बाबुल सुप्रियो (राज्य मंत्री) और राव साहेब दानवे पाटिल का है।

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