रामनगर : 26 करोड़ रुपए की लागत से कोसी नदी पर बना बाईपास पुल दस माह में ही उखड़ने लगा। लोगों ने पुल के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने इस पुल की आधार शिला रखी थी। रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर बने बाईपपुल का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक दिसम्बर 2019 को किया था । 350 मीटर लंबाई वाले इस पुल को बने अभी 10 माह ही हुए हैं कि इसमें कई स्थानों से डामर उखड़ने के बाद गड्ढे पड़ने लगे हैं।
पुल में ढाल न होने के कारण बारिश के दिनों में इसमें पानी भी एकत्र हो जाता है। मार्निंग वाक पर निकलने वाले लोग अक्सर इस पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते नजर आने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब शुरुआत में ही इसका यह हाल है तो कुछ सालों में इसकी स्थिति दयनीय हालत में हो जाएगी। कुछ समय तक इस पुल को बनाने वाली हैदराबाद की कार्यदायी संस्था के कर्मचारी पुल के समीप दिखाई दे जाया करते थे। मगर अब वो भी नहीं दिखाई देते।
लोगों ने लोनिवि विभाग का ध्यान पुल की ओर दिलाते हुए इसे दुरुस्त किए जाने की मांग की है। उधर लोनिवि के अधिकारियों का कहना है कि कार्यदायी संस्था हैदराबाद के कर्मचारी भी रामनगर में रहकर पुल को देख रहे हैं। उनके साथ यह तय है कि 24 साल तक वह पुल की मेंटिनेंस बराबर करेंगे। फिर भी जनता द्वारा उठाए गए सवाल को कार्यदायी संस्था को अवगत करा दिया जाएगा।