मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में संचालित संकल्प से समाधान अभियान का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक अनिवार्य रूप से पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनसामान्य को शासन की कल्याणकारी हितग्राही मूलक योजनाओं का सुगमता और पारदर्शिता के साथ लाभ दिलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित प्रदेश के सभी संभागायुक्त उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सभी गतिविधियाँ निर्धारित समय-सीमा में और पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जाएँ। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अभियान के तहत चल रही योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक सही और पूरी जानकारी पहुँच सके। उन्होंने कहा कि संभागीय अधिकारी जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर तक भ्रमण कर अभियान के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान केवल योजनाओं के लाभ तक सीमित न रहे, बल्कि इसके अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता के प्रति जागरूकता और शिक्षा के लिए प्रेरित करने जैसी गतिविधियाँ भी प्रभावी रूप से संचालित की जाएँ। इससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से योजनाओं की पहुँच और प्रभाव दोनों में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि हर पात्र नागरिक को उसका अधिकार समय पर मिले। संकल्प से समाधान अभियान इसी उद्देश्य को लेकर संचालित किया जा रहा है और इसके सफल क्रियान्वयन से शासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत होगा।