मध्यप्रदेश में आज मंगलवार, 13 जनवरी को मंत्रिमंडल की अहम बैठक आयोजित होने जा रही है। यह बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे मंत्रालय में होगी। कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें शिक्षकों से जुड़ा बड़ा और लंबे समय से प्रतीक्षित फैसला भी शामिल है।
कैबिनेट बैठक में प्रदेश के लगभग 1.25 लाख शासकीय शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। यदि यह प्रस्ताव पास होता है, तो शिक्षकों के मासिक वेतन में करीब 4 से 5 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है। इससे लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके लगभग 1.25 लाख शिक्षक वर्तमान में तृतीय समयमान वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं और चतुर्थ समयमान की मांग कर रहे हैं। कई शिक्षक ऐसे हैं, जो पिछले 5 से 8 वर्षों से इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ केवल प्राचार्य और व्याख्याताओं को ही मिल रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए आज की कैबिनेट बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
शासकीय शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा कि यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो शिक्षकों को हर महीने सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और वर्षों से लंबित मांग का समाधान होगा।
10:30-10:40 प्रातः – मंत्रालय आगमन
10:45 प्रातः – कैबिनेट ब्रीफिंग, मंत्रालय
11:00 प्रातः – कैबिनेट बैठक, मंत्रालय
02:10 दोपहर – विधानसभा आगमन एवं चर्चा
03:10 दोपहर – निवास आगमन
04:00-04:30 सायं – आभार कार्यक्रम, समत्व
04:30-05:30 सायं – कृषि लोकोत्सव संबंधी बैठक, समत्व
05:30-06:00 सायं – वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम संबंधी बैठक, समत्व
06:00-06:50 सायं – अभ्युदय मप्र क्विज पुरस्कार वितरण एवं नासा में चयनित छात्रों को किट वितरण, समत्व
07:00 सायं – बोट क्लब, भोपाल में “खेलो एमपी यूथ गेम्स” का लोगो, मेस्कॉट, थीम सांग एवं टॉर्च लॉन्च
07:45 सायं – निवास आगमन
आज होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक को लेकर प्रदेशभर के शिक्षक और कर्मचारी वर्ग आशान्वित हैं। यदि चतुर्थ समयमान वेतनमान को मंजूरी मिलती है, तो यह फैसला शिक्षकों के लिए नई आर्थिक राहत लेकर आएगा और सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत करेगा।