ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि मंदिर को हर साल लगभग 40 लाख रुपये की आय होती है, लेकिन इस आय का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जाता। नारियल और अन्य चढ़ावे का पूरा हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि मंदिर को हर साल लगभग 40 लाख रुपये की आय होती है, लेकिन इस आय का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जाता। नारियल और अन्य चढ़ावे का पूरा हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। बचाव में पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े
जब ग्रामीणों ने पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारी से की, तो वहां भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विवाद बढ़ने पर डायल-112 और स्थानीय पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।
पार्षद ने आरोप लगाया कि दुकान पर महीने में केवल तीन दिन ही राशन वितरण होता है, जिससे मजदूरी करने वाले कई परिवारों को समय पर खाद्यान्न नहीं मिल पा रहा है।