महक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता को दिया, जिन्होंने उन्हें पूरा सहयोग दिया। महक ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें पढ़ाने के लिए काफी संघर्ष किया है और दिन-रात मटके बनाने का काम किया है।
महक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता को दिया, जिन्होंने उन्हें पूरा सहयोग दिया। महक ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें पढ़ाने के लिए काफी संघर्ष किया है और दिन-रात मटके बनाने का काम किया है।
उमामा ने प्रदेश की मेरिट सूची में सातवां स्थान भी प्राप्त किया है, जिससे बड़वानी जिले को राज्य स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने कुल 500 में से 485 अंक हासिल किए