तिरुमला मंदिर में प्रसादम को लेकर उठे विवाद पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का हस्तक्षेप देश के सभी मंदिरों की पूजा पद्धतियों में समाप्त होना चाहिए, क्योंकि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सही पालन वही कर सकते हैं जो संस्कृति से जुड़े हों।
