Home क्राइम दिल्ली में मासूम के साथ सौतेली मां की बर्बरता, सर में चोट, पीठ पर जख्म, और हाथों में…

दिल्ली में मासूम के साथ सौतेली मां की बर्बरता, सर में चोट, पीठ पर जख्म, और हाथों में…

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नई दिल्ली : जब-जब मां बाहर जाती उसे रस्सी से बांधकर जाती, खाने को नहीं देती और पीटती हैवानों की तरह। ये मामला है दिल्ली के हरीनगर इलाके का। आरोप है कि एक 8 साल के मासूम बच्चे को उसकी सौतेली मां द्वारा बहुत बुरी तरह से मारा पीटा जाता था, जिसकी चीखें पूरे मोहल्ले में गूंजती थीं। इसे लेकर नजदीकी लोगों ने दिल्ली पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन उन्होंने घर की बात कहकर इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने इस बाबत दिल्ली महिला आयोग को सूचना दी।

इस खबर के तुरंत बाद महिला आयोग की टीम काफी एक्टिव हुई और उन्होंने एक टीम को तुरंत मौके पर भेज दिया। जिस वक्त टीम मौके पर पहुंची उस समय भी बच्चे के रोने और चीखने की आवाज सुनाई दे रही थी। आयोग की टीम ने पीसीआर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया और उनके साथ मिलकर बच्चे को घर से रेस्क्यू की। इसके बाद बच्चे और उसकी सौतेली मां को हरीनगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने कई बार इसकी शिकायत पुलिस को भी की लेकिन पुलिस द्वारा इसे घर का मामला बताकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने अपने फोन में एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें बच्चा चीखता हुआ सुनाई दे रहा है और उसे पीटने की भी आवाज सुनाई दे रही है।

पुलिस स्टेशन पहुंचकर बच्चे की काउंसलिंग की गई। इस दौरान बच्चा मां की बर्बरता से काफी डरा हुआ था। जिससे वह कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं था। हालांकि काउंसलिंग के बाद बच्चे ने अपनी आपबीती बयां की। बच्चे ने बताया कि उसके साथ रोज उसकी सौतेली मां द्वारा मारपीट की जाती थी। काई बार खाना तक नहीं दिया जाता था और न ही उसे घर से बाहर जाने दिया जाता। जब-जब मां बाहर जाती उसे रस्सी से बांधकर जाती।

उसके हाथ पर कंघी से मारने के भी निशान मौजूद हैं, जिसकी वजह से हाथ पर जख्म बन गए हैं। उसके पूरे हाथ सूजे हुए हैं, पीठ पर नोचने के निशान हैं। सर में अमानवीय चोटें हैं और पूरे शरीर पर गंभीर जख्म के निशान हैं। आपको बता दें कि बच्चे को खाना न मिलने के कारण वह बेहद कमजोर हो गया है।

बता दें कि बच्चे के बयान के आधार पर हरीनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई। साथ ही बच्चे को मेडिकल जांच के लिए लिए ले जाया गया। मेडिकल जांच के बाद बच्चे को शेल्टर होम ले जाया गया और बुधवार को उसे बाल कल्याण समिति (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) के सामने पेश किया गया। समिति ने बच्चे के पिता को बुलवाया, पिता ने बताया की ये उसकी दूसरी शादी है और लॉकडाउन के बाद से ही वो मुंबई रह रहा था। और उसका बच्चा दिल्ली में उसकी पत्नी के साथ रह रहा था।

समिति के समक्ष बच्चे के पिता ने लिखित आश्वासन दिया कि वो बच्चे की सुरक्षा का ध्यान रखेगा और बच्चा मैंगलोर में अपने दादा दादी के पास रहेगा। इसके चलते समिति ने बच्चे को उसके पिता को दे दिया। हालांकि इस मामले में संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने बाल आयोग को पत्र लिखकर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि अब तक सौतेली मां के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई है, उल्टा बिना जांच पड़ताल बच्चे को उसके पिता को सौंप दिया गया। मालिवाल ने कहा कि बच्चा अपने दादी के साथ रहना चाहता है, पर उसको उसके पिता के साथ बिना किसी जांच पड़ताल के जाने देना कितना सही होगा जब पिता ने बच्चे की सुध नही ली।

उन्होंने बाल आयोग से अनुरोध कर लिखा कि वो इस मामले में सौतेली मां के खिलाफ FIR कराएं और ये सुनिश्चित किया जाए की बच्चा सुरक्षित उसके दादी के पास मैंगलोर पहुंच जाए। साथ ही इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने एफआईआर न दर्ज होने के चलते पुलिस को भी नोटिस भेजा है।

स्वाति मालीवाल ने कहा कि, ये मामला बहुत ज़्यादा संगीन और डराने वाला है। आयोग ने अपने कार्य क्षेत्र से बाहर जाते हुए छोटे बच्चे को बचाया। नन्हे से मासूम के साथ इस प्रकार की मारपीट और दुर्व्यवहार पूरी इंसानियत को शर्मसार करता है। इतने गंभीर मामले में भी एफआईआर न होना बहुत ही दुखदायी है, हम पुलिस को नोटिस भेज रहे हैं। हर हाल में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। मुझे गर्व है दिल्ली महिला आयोग की टीम पर जो दिन रात इस प्रकार सक्रियता से दिल्लीवालों की सेवा करती है।

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