नई दिल्ली : मोदी सरकार के काफी प्रयासों के बाद आखिरकार 100 साल पहले वाराणसी से चुराई गई मां अन्नपूर्णा ( Maa Annapurna Idol) की मूर्ति कनाडा से वापस भारत आ गई है। जिससे भक्तजन मां अन्नपूर्णा की इस मूर्ति का दर्शन कर सकेंगे। इस मूर्ति में मां अन्नपूर्णा के एक हाथ में खीर की कटोरी और दूसरे हाथ में चम्मच है। ऐसा माना जा रहा है 18वीं शताब्दी की ये मूर्ति 1913 में काशी के एक घाट से चुरा ली गई थी, और फिर इसे कनाडा ले जाया गया।
काशी में स्थापित होगी मूर्ति
जानकारी के अनुसार मां अन्नपूर्णा की ये मूर्ति कनाडा में एक विश्वविद्यालय में रखी गई थी। इसे वापस लाने के लिए मोदी सरकार लगातार कोशिश कर रही थी। आपको बता दें कि मां अन्नापूर्णा की इस प्राचीन मूर्ति को 15 नवंबर के दिन काशी विश्वनाथ धाम में फिर से स्थापित किया जाएगा। इससे पहले 4 दिनों तक इस मूर्ति को 18 जिलों में दर्शन के लिए रखा जाएगा।
An idol of Maa Annapurna, stolen from Varanasi about 100 years ago and retrieved from Canada recently, will be installed at Kashi Vishwanath Temple on 15th Nov. Govt of India will handover the idol to UP Govt, on 11th Nov at an event in Delhi. pic.twitter.com/QbuFXuMHHD
— ANI UP (@ANINewsUP) November 10, 2021
बीते 100 सालों से कनाडा में थी यह मूर्ति
बीते 100 साल से यह मूर्ति यूनिवर्सिटी ऑफ रेजिना के मैकेंजी आर्ट गैलरी का हिस्सा थी। यह मामला उस समय सामने आया जब इस साल गैलरी में एक प्रदर्शनी की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान कलाकार दिव्या मेहरा की नजर इस मूर्ति पर पड़ी। उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और फिर सरकार ने अपनी ओर से इसकी वापसी के प्रयास शुरु किये। रेजिना यूनिवर्सिटी के चांसलर थॉमस चेस ने यह मूर्ति भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को सौंपी। आपको बता दें कि पिछले साल पीएम मोदी ने मन की बात में इस मूर्ति को भारत वापस लाने के बारे में जानकारी दी थी।
इन जगहों पर आप कर सकेंगे माता की मूर्ति के दर्शन
11 नवंबर- मोहन मंदिर, गाजियाबाद, दादरी नगर शिव मंदिर, गौतमबुद्ध नगर, दुर्गा शक्ति पीठ खुर्जा, बुलंदशहर, रामलीला मैदान, अलीगढ़, हनुमान चौकी, हाथरस और सोरों, कासगंज।
12 नवंबर- जनता दुर्गा मंदिर, एटा, लखोरा, मैनपुरी, मां अन्नपूर्णा मंदिर तिर्वा, कन्नौज, पटकापुर मंदिर कानपुर।
13 नवंबर- झंडेश्वर मंदिर, उन्नाव, दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर , लखनऊ, भिटरिया बाईपास, बाराबंकी, हनुमान गढ़ी, अयोध्या।
14 नवंबर- दुर्गा मंदिर कस्बा केएनआईटी, मीनाक्षी मंदिर प्रतापगढ़, दौलतिया मंदिर जौनपुर, बाबतपुर चौराहा व शिवपुर चौक, वाराणसी।
15 नवंबर- काशी विश्वनाथ धाम में मूर्ति स्थापना।