कोलंबो। श्रीलंका के पहले टेस्ट कप्तान बांदुला वर्णपुरा का यहां एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान निधन हो गया। 68 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर सुगर लेवल के बढ़ने के बाद आईसीयू में भर्ती थे। बांदुला 1982 में श्रीलंका के कोलंबो में इंग्लैंड के खिलाफ हुए पहले टेस्ट में कप्तान थे। उन्होंने तीन टेस्ट और 12 वनडे मुकाबले खेले।
हालांकि, वर्णपुरा का क्रिकेट करियर उस वक्त छोटा हो गया जब विद्रोही टीम के साथ 1982-83 में रंगभेद दौर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करने का फैसला किया था जिसके बाद श्रीलंका क्रिकेट ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया था।
श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने उनके निधन पर शोक जताया है। एसएलसी प्रमुख शम्मी सिल्वा ने बयान में कहा, ‘‘मुझे बांदुला वर्णपुरा के निधन का बेहद दुख है जो श्रीलंका के पहले टेस्ट कप्तान थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह शानदार क्रिकेटर, प्रशासक, कोच, कमेंटेटर और इन सबसे ऊपर अच्छे इंसान थे और उनका निधन क्रिकेट जगत का भारी नुकसान है।’’
वर्णपुरा ने 1975 से 1982 तक चार टेस्ट और 12 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया। बांदुला ने 1991 में राष्ट्रीय कोच और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के प्रशासक के रूप में काम किया। वह 1994 में डायरेक्टर ऑफ कोचिंग नियुक्त किए गए। इसके बाद बांदुला ने आईसीसी मैच रेफरी और एक अंपायर के तौर पर भी काम किया। वह एशियन क्रिकेट काउंसिल के डेवलप्मेंट मैनेजर भी रहे।
बंदुला वर्णपुरा का जन्म 01 मार्च, 1953 को हुआ था। वह 1975 से 1982 तक श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज़ थे, और मध्यम गति से तेज़ गेंदबाज़ी भी कर सकते थे। उन्होंने 57 फर्स्ट क्लास मैच और 33 लिस्ट-ए मैच भी खेले। उन्होंने पाकिस्तान की अंडर-25 टीम के खिलाफ 154 रनों की शानदार पारी खेली थी। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 2280 रन और लिस्ट-ए क्रिकेट में उनके नाम 579 रन हैं।