{ रुद्रपुर से दीपक की रिपोर्ट }
उत्तराखण्ड सरकार की आबकारी नीति से उधम सिंहनगर में सरकार को करोड़ो का नुकसान हुआ है। जिले में 33 दुकानों का संचालन ना होने के चलते 87 करोड़ का नुकसान हुआ है जिसके चलते सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 33 दुकानें बंद कर दी है।

सूबे को खनन के बाद सबसे अधिक राजस्व देने वाला आबकारी विभाग है। ऊधम सिंह नगर में वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले से विभाग को 87 करोड़ का नुकसान पहुचा है। जिले में इस वर्ष 33 दुकाने नीलम ही नही हो पाई जिसके बाद वित्तीय वर्ष में सभी दुकानों को सरकार ने बन्द करने का निर्णय लिया है।
जिले में अंग्रेजी शराब की 53 दुकान और देशी की 53 जबकि एक दुकान बियर की है। जिसमे से 74 दुकानों का ही संचालन जिले भर में किया जा रहा है। सरकार की नई आबकारी नीति के चलते 33 शराब की दुकानों को इस वित्तीय वर्ष में बन्द किया जा चूका है। जिसमे से 22 देशी ओर 11 अंग्रेजी शराब की दुकानें सामिल है।

सरकार द्वारा 107 दुकानों का लक्ष्य 224 करोड़ रुपये रखा गया था। लेकिन इन 74 दुकानों से अब तक 137 करोड़ का ही राजस्व सरकार को मिला है।
वही जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जिले में पिछले साल 107 दुकान का संचालन किया गया था। लेकिन इस वित्तीय वर्ष में सिर्फ 74 दुकाने नीलम हुई थी। 33 दुकानों की नीलम न होने के चलते सरकार द्वारा इस वित्तीय वर्ष में बन्द कर दी गयी है। इस वर्ष लगभग 87 करोड़ का नुकसान विभाग को हुआ है।