{रुद्रप्रयाग से नरेश भट्ट की रिपोर्ट }
जनपद के अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चो को जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा गोद लिया गया है। समय समय पर अधिकारियों द्वारा गोद लिए हुए बच्चों के स्वाथ्य की मॉनिटरिंग के साथ ही पोषण आहार अपनी तरफ से दिया जाता है।

विगत माह भी अधिकारियों द्वारा भी जिला अस्पताल में अतिकुपोषित बच्चों का स्वाथ्य परीक्षण कराया गया था व 03 बच्चे रिहैबिलिशन सेंटर गए थे। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ नीतू तोमर के परामर्शीयानुसार बच्चों के स्वास्थ्य सुधार हेतु बाल विकास विभाग द्वारा अतिकुपोषि/कुपोषित बच्चों के लिये पोषण आहार तैयार कराया गया।

तैयार पोषण किट को सभी अधिकारी द्वारा गोद लिए हुए बच्चों को संबंधित केंद्र में जाकर दिया गया व अपने सामने वजन की माप की गई। वजन मापने पर पाया गया कि सभी अधिकारी के बच्चों के वजन में वृद्धि हुई है।

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने अपर जिलाधिकारी के अवकाश में होने पर अपर जिलाधिकारी के कुपोषित बच्चे आयुष्मान को पोषण किट दी तथा अपने सामने वजन की माप की। आयुष्मान के मानसिक रूप से विकलांग होने के बावजूद स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है।

आयुष्मान की निरंतर निगरानी से वजन 12 किलोग्राम हुआ है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस माह 03 बच्चे अतिकुपोषित से सामान्य श्रेणी में आ गए है। सम्बन्धित अधिकारी द्वारा निरन्तर बच्चों को फॉलो अप किया जाएगा। इसके साथ ही उम्मीद है कि शीघ्र ही जनपद के समस्त अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चे सामान्य श्रेणी में आ जाएंगे।