{ रुद्रप्रयाग से नरेश भट्ट की रिपोर्ट }
जिला अस्पताल में एक मरीज 27 फरवरी को भर्ती हुआ था जिसका टेस्ट होने के बाद डॉक्टर द्धारा ऑपरेशन के लिए सामान मंगाया गया था, उस सामान को सोमवार को रूद्रप्रयाग पहुंचना था लेकिन वह सामान रूद्रप्रयाग की जगह रूद्रपुर पहुंच गया जिससे मरीज का सोमवार को ऑपरेशन नहीं हो पाया।
मरीज के तिमारदारों ने जिला पंचायत अध्यक्ष को इसकी शिकायत कर दी और जिला पंचायत अध्यक्ष अपनी सत्ता की सनक और पद की हनक के आधार पर सीधे जिला अस्पताल पहुंच गयी और अधिकारी और कर्मचारियों को डाॅटने लगी।

सीएमएस ने कहा कि जिस प्रकार जिला पंचायत अध्यक्ष द्धारा शब्दों का प्रयोग किया गया उससे उन्हे अपने इस कार्यक्षेत्र में आज तक किसी ने ऐसा नहीं कहा, साथ ही अस्पताल का पूरा स्टाफ ने नाराजगी जाहिर की, उन्होने एक ज्ञापन बनाकर पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी कोसौपा है और उनकी सुरक्षा में लगे सुरक्षा गार्ड के बिरूद्ध कार्यवाही करने की मांग की है।
वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि जनपद की पहली महिला को अस्तपाल में जाकर इस तरह से जिला अस्पताल के कर्मचारीयेां को डांटना और गलत शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिये।