मंगलवार को रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बंगाल की टीम ने कर्नाटक को हराकर रणजी ट्राफी के फाइनल में जगह बनाई है। बता दे बंगाल ने 14 साल बाद फाइनल में जगह बनाई। कोलकाता के ईडन गार्डंस मैदान पर खेले गए मैच के चौथे दिन ही बंगाल ने कर्नाटक को 174 रनों से शिकस्त।
बता दे, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन पास अपना तीसरा खिताब जीतने का सुनहरा मौका होगा। इससे पहले बंगाल की टीम ने 2006-07 में दीप दासगुप्ता की कप्तानी में आखिरी बार फाइनल खेला था, जहां उसे हार का सामना करना पड़ा था। तो वही बंगाल ने पहली बार 1938-39 में रणजी ट्राफी का खिताब अपने नाम किया था।
बात अगर कर्नाटक टीम की करे तो भारतीय सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल और मध्य क्रम के बल्लेबाज मनीष पांडेय के टीम में होनें के चलते उसे हार का सामना करना पड़ा। तो वही लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंच कर कर्नाटक को हार का मुंह देखना पड़ा।
इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए बंगाल टीम ने 312 रन बनाए। बंगाल की तरफ से छठे क्रम पर आए अनुस्तूप मजूमदार ने 149 रनों की बेहतरीन पारी खेली। मजूमदार का रणजी में यह सातवां शतक है।
क्वार्टर फाइनल में भी इस खिलाड़ी ने करियर की सर्वश्रेष्ठ 157 रन की पारी खेली थी। 312 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कर्नाटक की पूरी टीम पहली पारी में 122 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में बंगाल के लिए ईशान पोरेल ने 5 विकेट अपने नाम किए। बताते चले, रणजी ट्रॉफी का फाइनल 9 मार्च को होगा।