राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर ने कहा है कि संसद से पास हुए कृषि विधेयक का विपक्ष बेवजह विरोध कर रहा है।
विपक्ष के नेता किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाना नहीं चाहते हैं। यही कारण है कि निजी स्वार्थ के कारण कृषि विधेयक का विरोध किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों के बीच दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े विपक्षी दलों के नेताओं की आढ़त हैं।
इस विधेयक से उसका नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि जहां तक कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग की बात है तो पंजाब में किसानों ने सरकार के माध्यम से ऐसा कर रखा है।
केरल में एपीएमसी एक्ट आज तक लागू नहीं है, जबकि विपक्ष के बड़े नेता वहां से सांसद हैं।
कृषि विधेयक से किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ मिलेगा। किसान अपनी उपज का भाव तय कर सकेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कृषि क्षेत्र में बिचौलियों को हावी रखना चाहती है।
हाथरस कांड पर उन्होंने कहा कि सरकार अपना काम कर रही है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी यह सरकार ने स्पष्ट कर दिया है।