Home सियासत कृषि कानून को लेकर राघव चड्डा बोले- इस कानून को बनाने में कांग्रेस का भी हाथ था

कृषि कानून को लेकर राघव चड्डा बोले- इस कानून को बनाने में कांग्रेस का भी हाथ था

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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक कोहराम मचा है। आज किसान आंदोलन का 76वा दिन है। जहां देश के किसान कृषि कानून को वापस लेने की मांग कर रहे है। वही सरकार ने यह साफ़ कर दिया है कि कृषि कानून वापस नहीं होगा। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने एक नई चर्चा का मुद्दा दे दिया है।

और अब इस बीच आप नेता ने भी पंजाब कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट ऑफ 2013 बोलते हुए कहा कि अकाली-भाजपा सरकार “पंजाब कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट ऑफ 2013” लाई थी, जिसके अंदर सेक्शन-25 में खतरनाक प्रावधान है, जिसमें लिखा है अगर किसान इस प्रावधान का पालन नहीं करता तो उसे सजा हो सकती है।अकाली-भाजपा सरकार किसानों को बंधुआ मजदूर बनाने के लिए काला कानून लाई थी।

आप नेता बोले जब पंजाब विधानसभा में ये कानून लाया गया तो इसे कांग्रेस समेत सभी दल की सर्वसम्मति से पास किया गया। उस समय कैप्टन और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी विधायक थे और कानून को बनाने में सहमति थी। इससे साबित होता है कि इस कानून को बनाने में कांग्रेस का भी हाथ था।

राघव चड्डा ने कहा कैप्टन सरकार ने भी 2017 में लाए APMC एमेंडमेंट एक्ट में खुल कर लिखा है की इस एमेंडमेंट एक्ट का कोई प्रावधान “पंजाब कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट” पर लागू नहीं होगा। कैप्टन साहिब ने एमेंडमेंट तो बहुत किए लेकिन “पंजाब कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट ऑफ 2013” को नहीं बदला।

चड्डा ने कहा मैं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और अध्यक्ष सुनील जाखड़ से पूछना चाहता हूँ कि जब आपको पता लग गया कि इतना खतरनाक कानून है तो 4 साल में इस कानून को क्यों नहीं बदला। अगर भाजपा-अकाली दल ने किसान का गला घोंटा तो कैप्टन और कांग्रेस ने किसानों की पीठ में छुरा मारा।

आप को बता दे कि केंद्र के कानून 2013 से पास पंजाब कांट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट से बेहतर हैं। कैप्टन सरकार ने 2006 में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से जुड़ा एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट संशोधन एक्ट पास किया था। 2013 में कुछ बदलाव करते हुए अकाली- बीजेपी सरकार ने इसे पंजाब कांट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट बना दिया था।

आप को बता दे कि कृषि मंत्री के बयान के बाद अब यह चर्चा छिड़ गई है कि जिस कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के खिलाफ पंजाब के किसान आंदोलन पर हैं, किसान आंदोलन का आज 76 दिन है। आप को बता दे कि कानून तो पंजाब में 7 साल पहले से ही पास हो चुका है। इसके तहत पंजाब में धान, गेहूं को छोड़ वाणिज्यिक फसलों की खेती की जा रही है। इस ही के साथ आप को बता दें कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने पंजाब में प्राइवेट सेक्टर को कृषि में रास्ता दिलाने के लिए ‘एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट संशोधन एक्ट 2006’ पारित किया था।

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