प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडताल में श्री स्वामीनारायण मंदिर की 200वीं वर्षगांठ के भव्य द्विशताब्दी समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। इस पवित्र अवसर पर उन्होंने भगवान श्री स्वामीनारायण के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए भारतीय समाज को एकजुट करने और विकसित भारत के निर्माण का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने इस समारोह को सिर्फ एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के शाश्वत प्रवाह का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि 200 साल पहले स्थापित वडताल धाम आज भी आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। इस आयोजन से जुड़े हर व्यक्ति के लिए यह भारत की समृद्ध परंपरा और स्वाभिमान का प्रतीक है।
सेवा और समाज निर्माण की प्रेरणा
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामीनारायण संप्रदाय की सेवा परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि स्वामीनारायण भक्तों की समाज सेवा के बिना उनके किसी भी कार्य को पूर्ण नहीं माना जाता। उन्होंने वडताल धाम में मानवता की सेवा, पर्यावरण संरक्षण, गरीबों की सहायता, बच्चों की शिक्षा, और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में संप्रदाय के योगदान की सराहना की।
समाज को जोड़ने की जरूरत और विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर समाज को जोड़ने और एकता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को टुकड़ों में बांटने की साजिशें चल रही हैं, जिनका सामना हमें मिलकर करना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के आंदोलन की तरह, विकसित भारत के लक्ष्य के लिए भी हमें पूरी लगन और संकल्प के साथ जुटना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने इस दिशा में युवाओं के योगदान को अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित बनाने के लिए हमें सशक्त और कुशल युवा पीढ़ी का निर्माण करना होगा।
लोकल फॉर वोकल का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने और स्वदेशी के प्रति आस्था बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना हमारे समाज को सशक्त करेगा और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने सभी संतों, भक्तों और देशवासियों को इस ऐतिहासिक समारोह की बधाई दी और आशा व्यक्त की कि स्वामीनारायण संप्रदाय का यह योगदान और सेवा भाव भारतीय संस्कृति को आने वाले वर्षों में और मजबूती देगा।