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अमरनाथ यात्रा की तैयारियां पूरी, यात्रा के नियम बदले, यात्रियों का हेलमेट पहनना जरूरी

एक जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है। यात्रा को लेकर श्राइन बोर्ड ने लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पिछले वर्ष गुफा के पास बादल फटने से आई बाढ़ को देखते हुए एहतियातन कदम उठाए गए हैं। इस बार बारिश और लैंडस्लाइड से बचाने के लिए कुछ हिस्सों को संवेदनशील माना गया है। यहां से गुजरने पर यात्रियों को हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ मनदीप कुमार भंडारी ने बताया कि यह हेल्मेट श्रद्धालुओं को श्राइन बोर्ड की तरफ से निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे।

By: RNI Hindi Desk 
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अमरनाथ यात्रा की तैयारियां पूरी, यात्रा के नियम बदले, यात्रियों का हेलमेट पहनना जरूरी

(फाइल फोटो)

श्रीनगरः एक जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है। यात्रा को लेकर श्राइन बोर्ड ने लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पिछले वर्ष गुफा के पास बादल फटने से आई बाढ़ को देखते हुए एहतियातन कदम उठाए गए हैं। इस बार बारिश और लैंडस्लाइड से बचाने के लिए कुछ हिस्सों को संवेदनशील माना गया है। यहां से गुजरने पर यात्रियों को हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ मनदीप कुमार भंडारी  ने बताया कि यह हेल्मेट श्रद्धालुओं को श्राइन बोर्ड की तरफ से निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस बार यात्रा के लिए 3 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। इस बार यात्रा अब तक की सबसे लंबी चलेगी। इस बार श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग को कई जगहों से चौड़ा किया गया है और कई हिस्सों में रेलिंग लगाई है। वहीं यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की मदद के लिए 34 माउंटेन रेस्क्यू टीमें भी तैनात की गई हैं। इसके अलावा कठुआ से पवित्र गुफा तक विभिन्न शिविरों में एक साथ 70 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है।

अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं, जो बीते वर्ष की तुलना में 10% ज्यादा है। बोर्ड के सीईओ ने बताया कि यात्रियों का सबसे बड़ा बेस कैंप नूनवन पहलगाम में है। बता दें कि श्रद्धालुओं का पहला जत्था 30 जून को जम्मू के भगवती नगर आधार कैंप से घाटी के लिए रवाना हो रहा है। जबकि 1 जुलाई से यात्रा शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगी। इसके अलावा श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए दोनों यात्रा मार्गों पर रोशनी का इंतजाम किया है। गुफा मंदिर के रास्ते में पर्वतीय बचाव दल तैनात किए गए हैं। किसी भी तीर्थयात्री को रात के दौरान गुफा मंदिर के पास ठहरने की मंजूरी नहीं दी जाएगी।

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