प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ का शुभारंभ करेंगे। इस अभियान के तहत पूरे देश में 75,000 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का आयोजन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं पर किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने सोमवार को बताया कि यह पहल महिलाओं और बच्चों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से न केवल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी, बल्कि जरूरी जानकारी और जागरूकता भी फैलाई जाएगी। यह सरकार की समावेशी स्वास्थ्य सेवा नीति को और मजबूत करेगा।
अभियान के अंतर्गत सभी आंगनवाड़ियों में ‘पोषण माह’ भी मनाया जाएगा। इस दौरान पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी जानकारी पहुंच सकेगी।
नड्डा ने निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य भागीदारों से अपील की कि वे इस जन-भागीदारी अभियान का हिस्सा बनें और सामूहिक प्रयासों से इसे सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया फर्स्ट’ की भावना के साथ हम सभी को मिलकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देना होगा।
इस विशेष अभियान का लक्ष्य है कि महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए और पूरे देश में परिवारों को और अधिक स्वस्थ, सक्षम और जागरूक बनाया जा सके।