दिल्ली चुनाव का फैसला तो 11 फरवरी को आएगा लेकिन उससे पहले जमकर चुनाव प्रचार हो रहा है। इस वक्त राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर जमकर बरस रही हैं। आज एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी पार्टियों पर जमकर बरसते हुए कहा कि, दिल्ली में ऐसा नेतृत्व चाहिए, जो CAA, अनुच्छेद 370 जैसे, राष्ट्रीय सुरक्षा के तमाम फैसलों पर देश का साथ दे। अपनी राजनीति के लिए, तुष्टिकरण के लिए, लोगों को भड़काने वाले लोग क्या दिल्ली का भला कर सकेंगे?
ये लोग बाटला हाउस के आतंकियों के लिए रो सकते हैं, उनका साथ देने के लिए सुरक्षाबलों को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं लेकिन दिल्ली का विकास नहीं कर सकते। नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद देश और दिल्ली के लोग पहले दिन से देख रहे हैं कि कैसे इन लोगों द्वारा अफवाहें फैलाई जा रही हैं, झूठ बोला जा रहा है। दिल्ली की जनता सब कुछ देख रही है, सब कुछ समझ रही है।
सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसे फैसलों के बाद इस तरह के बयान आए, उस समय यहां की सरकार में बैठे लोगों ने कैसे बयान दिए थे, वो आपको याद है न। उसके विरूद्ध हर दिल्लीवासी गुस्सा है न, उनको सजा मिलनी चाहिए या नहीं और ये काम आप सभी को 8 फरवरी को करना है।
दिल्ली की 1,700 से अधिक अवैध कॉलोनियों में 40 लाख लोगों को घरों के अधिकार का विषय दिल्ली कैसे भूल सकता है? यहां जो शासन में हैं, वो तो इस कोशिश में थे कि किसी तरह और एक दो साल के लिए ये मामला टाल दिया जाए।
इस चुनाव में एक ओर शाहीन बाग का समर्थन करने वाली राहुल गांधी, केजरीवाल एंड कंपनी की टोली है। दूसरी ओर नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में काम करने वाली देशभक्तों की टोली है।