प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रबी सीजन 2025-26 के लिए फॉस्फोरस और सल्फर आधारित उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले को किसानों के हित में बड़ा कदम बताया है। इस निर्णय से देशभर के किसानों को राहत मिलेगी और कृषि लागत में कमी आएगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए 37,952 करोड़ रुपये की सब्सिडी आवंटित की है, ताकि किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध हो सके।
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई नई दरों के अनुसार, फॉस्फेट पर सब्सिडी ₹43.60 से बढ़ाकर ₹47.96 प्रति किलोग्राम और सल्फर पर ₹1.77 से बढ़ाकर ₹2.87 प्रति किलोग्राम कर दी गई है। हालांकि, नाइट्रोजन (N) और पोटाश (K) की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये दरें एक अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल कृषि लागत को कम करेगा, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ाएगा। उन्होंने इसे “कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम” बताया।
रबी सीजन में गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई होती है। बढ़ी हुई सब्सिडी से किसानों को कम लागत पर पोषक तत्वयुक्त खादें मिलेंगी, जिससे उत्पादन में सुधार की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी।
सरकार का यह कदम न केवल किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ देगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी समर्थन प्रदान करेगा। खादों पर बढ़ी सब्सिडी किसानों के लिए राहत का प्रतीक बनकर कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।