नगरीय विकास एवं आवास विभाग की साप्ताहिक विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे ने तीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई पेयजल योजनाओं, स्वच्छ जल अभियान, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों और अमृत 2.0 योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद की गई।
आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि नागरिकों को समय पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन (181) शिकायतों के निराकरण, शुद्ध पेयजल आपूर्ति और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर परिषद विजयपुर के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मनोज शर्मा के खिलाफ स्वच्छ जल अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में रुचि न लेने और पेयजल संबंधी शिकायतों का समयसीमा में समाधान नहीं करने के आरोप पाए गए। विभागीय समीक्षा में यह भी सामने आया कि कई शिकायतें एल-4 स्तर तक पहुंचने के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं की गई, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना गया।
नगर परिषद भांडेर, जिला दतिया के अधिकारी श्री हनुमंत भदौरिया पर अमृत 2.0 योजना के तहत निर्धारित समय में स्वीकृति पत्र (LOA) जारी नहीं करने का आरोप लगा। विभाग के अनुसार इस देरी के कारण महत्वपूर्ण पेयजल परियोजना प्रभावित हुई और कार्यों में अनावश्यक विलंब हुआ।
नगर परिषद बड़ौनी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री यशवंत राठौर पर हितग्राही योजनाओं, स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने के आरोप लगे। इसके अलावा 13 मई 2026 को आयोजित विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बिना पूर्व सूचना और अनुमति के अनुपस्थित रहने को गंभीर अनुशासनहीनता माना गया।
आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि पेयजल व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।