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पीएम मोदी ने किया उज्जवला 2.0 योजना का ऐलान, कहा- अब गैस कनेक्शन के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं

गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करन वाले परिवारों के लिए पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के महोबा में उज्ज्वला 2.0 योजना का वर्चुअल शुभारंभ किया। बटन दबते ही उज्ज्वला योजना का दूसरा चरण शुरू हो गया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि एक करोड़ महिलाओं के जीवन को बदलने का प्रयास किया जा रहा है।

By: Amit ranjan 
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पीएम मोदी ने किया उज्जवला 2.0 योजना का ऐलान, कहा- अब गैस कनेक्शन के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं

नई दिल्ली : गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करन वाले परिवारों के लिए पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के महोबा में उज्ज्वला 2.0 योजना का वर्चुअल शुभारंभ किया। बटन दबते ही उज्ज्वला योजना का दूसरा चरण शुरू हो गया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि एक करोड़ महिलाओं के जीवन को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि अब गैस कनेक्शन के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पीएम ने कहा अब देश मूल सुविधाओं की पूर्ति से, बेहतर जीवन के सपने को पूरा करने की तरफ बढ़ रहा है। आने वाले 25 साल में इस सामर्थ्य को हमें कई गुना बढ़ाना है। समर्थ और सक्षम भारत के इस संकल्प को हमें मिलकर सिद्ध करना है। इसमें बहनों की विशेष भूमिका होने वाली है।

बायोफ्यूल एक स्वच्छ ईंधन मात्र नहीं है। बल्कि ये ईंधन में आत्मनिर्भरता के ईंजन को, देश के विकास ईंजन को, गांव के विकास ईंजन को गति देने का भी एक माध्यम है। बायोफ्यूल एक ऐसी ऊर्जा है जो हम घर और खेत के कचरे से, पौधों से, खराब अनाज से प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा बुंदेलखंड सहित पूरे यूपी और दूसरे राज्यों के हमारे अनेक साथी, काम करने के लिए गांव से शहर जाते हैं, दूसरे राज्य जाते हैं। लेकिन वहां उनके सामने एड्रेस के प्रमाण की समस्या आती है। ऐसे ही लाखों परिवारों को उज्ज्वला 2.0 योजना सबसे अधिक राहत देगी।

अब मेरे श्रमिक साथियों को एड्रेस के प्रमाण के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। सरकार को आपकी ईमानदारी पर पूरा भरोसा है। आपको अपने पते का सिर्फ एक सेल्फ डेक्लेरशन, यानि खुद लिखकर देना है और आपको गैस कनेक्शन मिल जाएगा।

बहनों के स्वास्थ्य, सुविधा और सशक्तिकरण के इस संकल्प को उज्ज्वला योजना ने बहुत बड़ा बल दिया है। योजना के पहले चरण में 8 करोड़ गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों की बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया। इसका कितना लाभ हुआ है, ये हमने कोरोना काल में देखा है।

हमारी बेटियां घर और रसोई से बाहर निकलकर राष्ट्रनिर्माण में व्यापक योगदान तभी दे पाएंगी, जब पहले घर और रसोई से जुड़ी समस्याएं हल होंगी। इसलिए, बीते 6-7 सालों में ऐसे हर समाधान के लिए मिशन मोड पर काम किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में करोड़ों शौचालय बनाए गए हैं।

 

बीते साढ़े 7 दशकों की प्रगति को हम देखते है तो हमें जरूर लगता है कि कुछ स्थितियां, कुछ हालात ऐसे हैं जिनको कई दशक पहले बदला जा सकता था। घर, बिजली, पानी, शौचालय, गैस, सड़क, अस्पताल, स्कूल, ऐसी अनेक मूल आवश्यकताएं है जिनकी पूर्ति के लिए दशकों का इंतज़ार देशवासियों को करना पड़ा।

गरीब के घर का चूल्हा हमेशा जलता रहे। जितनी भी योजनाएं है, उन सभी का लाभ गरीबों को मिलता रहे। आज आप सभी माताओं-बहनों से बात करने का मौका मिला। मुझे खुशी है थोड़े दिन बात रक्षाबंधन का पावन पर्व आ रहा है। मुझे पहले ही आप सभी बहनों से बात करके आपका आर्शीवाद प्राप्त हुआ है।

उज्ज्वला योजना ने देश की जितनी महिलाओं का जीवन रोशन किया है वो अभूतपूर्व है। ये योजना 2016 में मंगल पांडे की धरती बलिया से शुरू हुई थी। आज उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण की शुरुआत भी वीर भूमि महोबा से हो रही है। आज मैं बुंदेलखंड की एक और महान संतान को याद कर रहा हूं। मेजर ध्यान चंद, हमारे दद्दा ध्यानचंद। देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम अब मेजर ध्यान चंद खेल रत्न पुरस्कार हो गया है।

इस ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने मेडल तो जीते ही साथ ही अपने उम्दा प्रदर्शन से भविष्य को सुनहरा करने का मौका दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि बीते साढ़े 7 दशकों की प्रगति को हम देखते है तो हमें जरूर लगता है कि कुछ स्थितियां, कुछ हालात ऐसे हैं जिनको कई दशक पहले बदला जा सकता था। घर, बिजली, पानी, शौचालय, गैस, सड़क, अस्पताल, स्कूल, ऐसी अनेक मूल आवश्यकताएं है जिनकी पूर्ति के लिए दशकों का इंतज़ार देशवासियों को करना पड़ा।

अब इन लोगों को मिलेगा फायदा

वित्तवर्ष 21-22 के केंद्रीय बजट में PMUY के तहत एक करोड़ अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन देने का भी ऐलान किया गया था. इन एक करोड़ अतिरिक्त PMUY कनेक्शन (उज्‍जवला 2.0 के तहत) का उद्देश्य उन कम आय वाले परिवारों को जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन देना है, जिन्हें PMUY के पहले चरण के तहत कवर नहीं किया जा सकता था. उज्जवला 2.0 के लाभार्थियों को डिपॉजिट फ्री एलपीजी कनेक्शन के साथ पहली रिफिल और हॉटप्लेट मुफ्त दी जाएगी. साथ ही न्यूनतम कागजी कार्रवाई की जरूरत होगी. उज्ज्वला 2.0 में लोगों को राशन कार्ड या एड्रेस प्रूफ जमा करने की जरूरत नहीं होगी.

 

ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं

उज्ज्वला योजना का लाभ लेने के लिए आधिकारिक पॉर्टल pmuy.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उज्ज्वला योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 2021 के लिए आवेदक अपनी पसंद के किसी भी  वितरक को या तो वितरक के पास आवेदन जमा करके या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से एप्लीकेशन देकर कर सकते हैं. यानी इस बार आपको कई विकल्प दिए गए हैं. आप चाहे तो अपनी पसंद के वितरक चुन सकते हैं, जैसे इंडेन, भारतगैस या एचपी गैस में से कोई भी एक।

 

उज्ज्वला 2.0 के आवेदन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स

उज्ज्वला कनेक्शन के लिए eKYC होना अनिवार्य है.

आवेदक का आधार कार्ड, पहचान के प्रमाण के रूप में काम करेगा.

किसी भी राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया गरीबी रेखा से नीचे का राशन कार्ड.

लाभार्थी और परिवार के वयस्क सदस्यों का आधार.

बैंक खाता नंबर और IFSC कोड भी देना होगा

 

उज्ज्वला 2.0 के लिए आवेदन की योग्यता

उज्ज्वला योजना का लाभ सिर्फ महिलाएं ले सकती हैं।

किसी भी श्रेणी में गरीब परिवार के तहत सूचीबद्ध होना जरूरी।

आवेदक महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

एक ही घर में इस योजना के तहत कोई अन्य एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए।

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