चेरी टमाटर, सामान्य टमाटर की तुलना में छोटे आकार का होता है। यह लाल, पीला, नारंगी, सफेद, गुलाबी, जैसे कई रंग और आकार में पाया जाता है।
चेरी टमाटर विटामिन ‘ए’, बी-6, सी, के, फॉस्फोरस, मैग्निशियम,कॉपर, पोटेशियम और खाद्य रेशों का एक अच्छा श्रोत है, और इन्हीं ख़ास गुणों के कारण चेरी टमाटर सामान्य टमाटर की तुलना में अधिक दाम में बिकता है। ये एक विदेशी सब्ज़ी है, जो खाने में नया स्वाद और आकर्षण लाता है।

चेरी टोमैटो की खेती ज्यादा गर्मी या ज्यादा ठंड बर्दाश्त नहीं कर पाती, इसलिए इसे पॉली हाउस या शेडनेट में उपजाया जाता है। लगाने के 60-70 दिनों में इससे उपज मिलने लगती है, और लगभग 7-9 मीहनों तक इससे उपज मिलती है।
पॉलीहाउस में चेरी टोमैटो को रस्सियों का सहारा देकर ऊपर उठाया जाता है। जिसे स्टैकिंग कहते हैं, इसके लिए पौधों को सुतली से बांधने के बाद, सुतली को ऊपर बांस से बांध दिया जाता है। इससे पौधो में फल वहन करने की क्षमता बढ़ जाती है।

फल ज़मीन को नहीं छूते, जिससे वो गलन और दूसरे रोगों से बहुत हद तक बचे रहते हैं। हालांकि इसके वानस्पतिक वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए, पौधों में समय-समय पर कटाई-छंटाई करनी चाहिए।
चुकि इसकी खेती पॉलीहाउस में होती है, इसलिए ड्रिप से इसकी सिंचाई करते हैं, साथ ही इसी माध्यम से इसे फर्टीलाइज़र और दवा भी दी जाती है। क्योंकि ज्यादा गर्मी या पानी की कमी से, कई बार इसकी पत्तियां पीली पड़कर सूखने लगती हैं।

ड्रिप के कारण ही, खरपतवार की समस्या भी ज्यादा नहीं आती, लेकिन कुछ-कुछ दिनों पर निराई-गुड़ाई ज़रूरी है। हालांकि पॉलीहाउस में खेती के कारण,चेरी टोमैटो में कीट-रोगों का प्रकोप बहुत कम होता है, लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर या थोड़ा बहुत प्रकोप होने पर आप उससे रासायनिक विधियों से भी निपट सकते हैं।