नई दिल्ली : देश में जारी कोरोना संकट के बीच लगातार इंसानियत को शर्मसार करने वाली ऐसे कई तस्वीरें सामने आ रहे है, जिसे लेकर यकीन हीं नहीं होगा कि इंसानियत इतना भी गिर सकता है। एक तरफ जहां लोग कोरोना महामारी से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन या अस्पताल प्रशासन लगातार अपने लापरवाही की ठीकरा किसी और पर फोड़ते नजर आते है। एक ऐसा ही तस्वीर बिहार के बक्सर जिले से सामने आया है, जिसे देखकर आपकी भी रूह कांप उठेगी।
तस्वीर के अनुसार बक्सर के चौसा के महदेवा घाट पर लाशों का अंबार लगा हुआ है, जिसे लेकर लोग दहशत में है। वहीं इस मामले पर जिला प्रशासन ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि ये उत्तर प्रदेश की लाशें हैं, जो यहां बहकर आ गई है। आपको बता दें कि कोरोना काल में बक्सर जिले के चौसा के पास स्थित महादेव घाट की तस्वीरों ने उस समय विचलित कर दिया, जब लाशों के अम्बार ने गंगा में स्थित घाट को ढक दिया। हालांकि, जैसे ही इस घटना का वीडियो सामने आया जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गई।
चौसा के बीडीओ अशोक कुमार ने बताया कि ये करीब 40 से 45 लाशें होंगी, जो अलग अलग जगहों से बहकर महदेवा घाट पर आ कर लग गई हैं। उन्होंने बताया कि ये लाशें हमारी नहीं हैं। हम लोगों ने एक चौकीदार लगा रखा है, जिसकी निगरानी में लोग शव जला रहे हैं। ऐसे में ये शव उत्तरप्रदेश से बहकर आ रहे हैं और यहां पर लग जा रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि यूपी से आ रही लाशों को रोकने का कोई उपाय नहीं है। ऐसे में हम इन लाशों के निष्पादन की तैयारी में है।
वहीं इस मामले के दूसरे पहलू पर गौर करें तो कोरोना बक्सर सहित अनेक जिलो में फैल चुका है। पवनी निवासी नरेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि चौसा घाट की स्थिति काफी दयनीय है। कोरोना संक्रमण के कारण यहां रोज 100 से 200 लोग आते हैं और लकड़ी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लाशें गंगा में ही फेंक देते हैं, जिससे कोरोना संक्रमण फैलने का डर बना हुआ जबकि प्रशासन कोई भी मदद नहीं कर रहा है।
हालांकि, एसडीएम सदर केके उपाध्याय ने भी यही कहा कि, “ये बिहार की नहीं उत्तर प्रदेश की लाशें हो सकती हैं क्योंकि हमारे यहां लाशें जलाने की परंपरा है।” बहरहाल, मामला जो भी हो, लेकिन जिस प्रकार प्रशासन अपने नाकामियों को छिपाते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन औऱ सरकार पर इल्जाम लगा रही है, उससे बहुत जल्द आने वाले समयों में भी लाश पर राजनीति देखने को मिलेगी। और हो सकता है दोनों राज्यों के बीच संबंधों में भी खटास आ जाएं।