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राज्यसभा में हंगामे पर 8 मंत्रियों का विपक्ष का जवाब, ‘घड़ियाली आंसू बहाने की बजाए देश से माफी मांगे विपक्ष’

संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा (Rajyasabha) में हुए हंगामे को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष आमने सामने है। कांग्रेस के आरोपों के बाद अब आठ केंद्रीय मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि, देश की जनता इंतजार करती है कि उनसे जुड़े हुए विषयों को सदन में उठाया जाए, वहीं विपक्ष का सड़क से संसद तक एकमात्र एजेंडा सिर्फ अराजकता रहा।

By: Amit ranjan 
Updated:
राज्यसभा में हंगामे पर 8 मंत्रियों का विपक्ष का जवाब, ‘घड़ियाली आंसू बहाने की बजाए देश से माफी मांगे विपक्ष’

नई दिल्ली : संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा (Rajyasabha) में हुए हंगामे को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष आमने सामने है। कांग्रेस के आरोपों के बाद अब आठ केंद्रीय मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि, देश की जनता इंतजार करती है कि उनसे जुड़े हुए विषयों को सदन में उठाया जाए, वहीं विपक्ष का सड़क से संसद तक एकमात्र एजेंडा सिर्फ अराजकता रहा। घड़ियाली आंसू बहाने की बजाए विपक्ष को देश से माफी मांगनी चाहिए।

वहीं संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि, ‘कांग्रेस और उसके मित्र सहयोगियों ने संसद को नहीं चलने देने का पहले ही फैसला कर लिया था। उन्होंने नए मंत्रियों का परिचय नहीं होने दिया, उन्होंने महत्वपूर्ण बिलों पर भी चर्चा नहीं होने दी। हमने विपक्ष से चर्चा करने के लिए अपील की थी, मंत्रियों का परिचय करवाने के लिए भी शांति रखने की अपील की थी। सरकार की ओर से महंगाई, कोरोना संकट, कृषि मसलों पर चर्चा के लिए मंजूरी दी गई थी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 तक यूपीए के कार्यकाल के दौरान कई ऐसे बिल थे जो बिना किसी चर्चा के पास किए गए। विपक्ष की ओर से झूठा आरोप लगाया गया है कि सरकार चर्चा नहीं कर रही है। जब कुछ सांसदों को सस्पेंड किया गया, तब कुछ सांसदों ने शीशा तोड़कर सदन में घुसने की कोशिश की। सरकार ने सोमवार तक सदन चलाने की बात स्वीकार की थी।

पीयूष गोयल ने विपक्ष पर साधा निशाना    

राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर विपक्ष पर तीखा हमला किया। पीयूष गोयल ने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष का व्यवहार पूरे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है। विपक्ष (Opposition) किसी भी तरीके से सदन को नहीं चलाने देना चाहता था। पीयूष गोयल ने कहा कि 9 अगस्त को विपक्ष द्वारा हंगामा किया गया, रूल बुक को चेयर की ओर फेंका गया। पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता की ओर से चेयर पर कातिलाना हमला किया गया। सांसदों द्वारा महिला मार्शल के साथ धक्का-मुक्की की गई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मार्शल, सुरक्षाकर्मी सिर्फ सदन और चेयर की सुरक्षा कर रहे थे। वह किसी पक्ष के नहीं थे, लेकिन उनके साथ भी विपक्ष के नेताओं द्वारा बदतमीजी की गई। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रियों की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले विपक्ष के नेताओं ने एक मार्च निकाला था और साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। आपको बता दें कि गुरुवार दोपहर को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, प्रहलाद जोशी, मुख्तार अब्बास नकवी, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, अनुराग ठाकुर, अर्जुन मेघवाल, वी. मुरलीधरन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

आखिर क्या हुआ था राज्यसभा में…

राज्यसभा में बुधवार को सुरक्षाकर्मियों की अभूतपूर्व तैनाती देखने को मिली ताकि विपक्षी सदस्यों के मेज पर चढ़ने जैसी भद्दी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। किंतु इसके बावजूद सदन में विपक्षी सदस्यों ने आसन के समक्ष आकर नारेबाजी की और कागज फाड़कर उछाले तथा कुछ सदस्य आसन की ओर बढ़ने का प्रयास करते हुए सुरक्षाकर्मियों से उलझ गए। विपक्षी सदस्य आसन के समक्ष आकर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। बहरहाल, इन सदस्यों को करीब 50 सुरक्षाकर्मियों द्वारा बनाये गए घेरे ने अधिकारियों की मेज और आसन तक जाने से रोक दिया। इन सुरक्षाकर्मियों की तैनाती इस तरह से की गयी थी जिसमें विरोध कर रही महिला सांसदों के समक्ष पुरूष सुरक्षाकर्मी और पुरूष सांसदों के समक्ष महिला सुरक्षाकर्मी खड़े थे।

विरोध कर रहे कांग्रेस, वाम, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक आदि विपक्षी दलों के सदस्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा और उन्होंने विरोध करने के दौरान कागज फाड़े। अधिकारियों की मेज और आसन की ओर बढ़ने का प्रयास भी किया। कुछ सदस्यों ने सुरक्षाकर्मियों का घेरा तोड़ने का प्रयास किया और उनके साथ उलझ गए।

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