संसद के चालू मानसून सत्र में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर गतिरोध बुधवार को भी जारी रहा। लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल बिना किसी चर्चा के पारित हो गया। वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के वॉकआउट के बाद असम के गुवाहाटी में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) की स्थापना से जुड़े बिल पर संक्षिप्त चर्चा हुई और इसके बाद यह बिल भी पारित कर दिया गया।
लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऑनलाइन गेमिंग बिल पेश करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में डिजिटल टेक्नोलॉजी ने देश में अभूतपूर्व तेजी से विकास किया है। नई टेक्नोलॉजी के कारण भारत की एक अलग पहचान बनी है और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी गति मिली है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस तकनीकी क्रांति का एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र ऑनलाइन गेमिंग भी है, जिसके अलग-अलग पहलू हैं और जिन पर नियमन आवश्यक हो गया है।
उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को तीन प्रमुख वर्गों में विभाजित किया। पहला है ई-स्पोर्ट्स, जिसमें खिलाड़ी अपनी रणनीतिक सोच को मजबूत करता है और टीम के साथ समन्वय करना सीखता है। दूसरा वर्ग है ऑनलाइन सोशल गेम्स जैसे चेस, सॉलिटेयर और सुडोकू। ये गेम शिक्षा, स्मृति शक्ति और तार्किक सोच को बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। तीसरा और सबसे विवादास्पद वर्ग है ऑनलाइन मनी गेम्स, जो आज समाज में गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं।
मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन मनी गेम्स का दुष्प्रभाव कई परिवारों पर पड़ा है। इन खेलों की वजह से अनेक लोग लत (Addiction) का शिकार हुए हैं। कई परिवारों ने अपनी जीवनभर की कमाई गंवा दी। उन्होंने यह भी बताया कि इन खेलों में उपयोग होने वाले एल्गोरिदम पारदर्शी नहीं होते। ऐसे एल्गोरिदम्स खिलाड़ियों को धोखे में रखते हैं और हार सुनिश्चित कर देते हैं। परिणामस्वरूप लोग ठगी और धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं।
वैष्णव ने कहा कि इस प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स ने कई परिवारों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। यहां तक कि कई मामलों में आत्महत्या तक की नौबत आ गई है। उन्होंने माना कि ऐसे मामलों से निपटने और समाज को सुरक्षित रखने के लिए एक सशक्त कानून की आवश्यकता थी।
इस दौरान विपक्ष का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था, लेकिन फिर भी बिल को पारित कर दिया गया। राज्यसभा में भी विपक्ष के वॉकआउट के बीच बिलों पर चर्चा हुई और उन्हें मंजूरी दी गई।