बड़वानी। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित बड़वानी का ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पिछले पांच वर्षों से बंद पड़ा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों को आज भी परीक्षा देने के लिए इंदौर, भोपाल, रीवा, सतना और अन्य दूरस्थ शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर छात्र संघर्ष समिति ने जनप्रतिनिधियों को आवेदन सौंपकर परीक्षा केंद्र का संचालन जल्द शुरू करने की मांग की है।
छात्रों का कहना है कि बड़वानी, अलीराजपुर, खरगोन और धार जिले के लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र नहीं होने के कारण उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियां बढ़ती हैं।
करोड़ों की लागत से बना, लेकिन नहीं हुआ संचालन
जानकारी के अनुसार ऑनलाइन परीक्षा केंद्र का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से किया गया था और कुछ वर्ष पूर्व इसका उद्घाटन भी किया गया था। केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी शासकीय महाविद्यालय प्रशासन को सौंपी गई थी, लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद यह शुरू नहीं हो सका।छात्रों का आरोप है कि लंबे समय तक उपयोग नहीं होने के कारण भवन और कंप्यूटर उपकरण खराब होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं, जिससे सरकारी धन का नुकसान भी हो रहा है।

दूर परीक्षा केंद्र होने से छात्राओं को सबसे ज्यादा परेशानी
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्रा शिवानी पटेल ने बताया कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को अक्सर सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाते हैं।उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यात्रा, ठहरने और भोजन का खर्च उठाना कठिन होता है। कई बार छात्राएं सुरक्षा और संसाधनों की कमी के कारण परीक्षा में शामिल ही नहीं हो पातीं।
छात्रों ने जनप्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन
परीक्षा केंद्र को शुरू कराने की मांग को लेकर छात्र संघर्ष समिति ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा है। छात्रों का कहना है कि जब जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र की पूरी सुविधा उपलब्ध है तो उसका लाभ स्थानीय युवाओं को मिलना चाहिए।
सांसद बोले- जल्द शुरू होगा परीक्षा केंद्र
छात्रों की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि यह मांग पूरी तरह उचित है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से चर्चा की जा चुकी है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी आकांक्षी जिलों में ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों के संचालन के लिए प्रस्ताव दिया जाएगा।सांसद ने कहा कि बड़वानी में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं और जिला प्रशासन को व्यवस्थाएं दुरुस्त कर जल्द केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने बताया कि तकनीकी त्रुटियों और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के कारण केंद्र अब तक शुरू नहीं हो पाया था, लेकिन अब इसे शीघ्र चालू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विधायक ने लगाए भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप
वहीं बड़वानी विधायक राजन मंडलोई ने इस मामले को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पांच वर्षों से केंद्र का संचालन शुरू नहीं होना गंभीर मामला है।विधायक ने कहा कि दूर-दराज परीक्षा केंद्र होने के कारण आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की बात कहते हुए सरकार से जवाब मांगने की घोषणा की।
छात्रों को अब फैसले का इंतजार
बड़वानी और आसपास के जिलों के छात्र लंबे समय से ऑनलाइन परीक्षा केंद्र शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अब सांसद और विधायक दोनों के आश्वासन के बाद छात्रों को उम्मीद है कि जल्द ही केंद्र का संचालन शुरू होगा और उन्हें अपने ही जिले में प्रतियोगी परीक्षाएं देने की सुविधा मिल सकेगी।