रिपोर्ट: नंदनी तोदी
हरदोई: ज़िन्दगी में मुश्किलों का सामना करना एक बहुत बड़ा कला है। कुछ ऐसे होते हैं जो आगे बढ़ जाते है तो कुछ हार जाते है। जो हारते है, वो खुद को क्षति पहुंचाने के लिए कुछ ऐसे कदम उठाते है, जिससे उनकी जान पर बन आती है। एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई का है।
दरअसल, हरदोई के धन्नूपुरवा गांव निवासी राजाराम शुक्रवार की सुबह पत्नी राम श्री, उमेश यादव, ऊषा देवी, पुष्पा, वीरू यादव और अंकुल लखनऊ में हजरतगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित लोकभवन के सामने पहुंचे जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे। इनमे से पांचों लोगों ने कुछ देर बाद केरोसिन की बोतल निकाली और खुद पर केरोसिन डालने लगे। तभी सुरक्षाकर्मी दौड़े और उन सभी से केरोसिन छीनकर सभी को हिरासत में ले लिया।
सभी से बातचीत के बाद पता चला कि वे जिस मकान में 40 साल से रह रहे है, उस पर किसी कामिनी वर्मा और उनके पति शिशिर वर्मा अवैध कब्जा करना चाह रहे हैं। इसी विषय में हरदोई पुलिस को शिकायत भी दर्ज कराइ गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, राजस्व विभाग भी मदद नहीं कर रहा है।
इन सब को सुनने के बाद लखनऊ पुलिस ने हरदोई में शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से बातकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई ऐसी वारदातें हुई है जहा एक बार एक महिला की मौत भी हो गई थी।