निर्भया के चारो दोषी नया नया पैंतरा अपना कर अपनी फांसी टालते जा रहे हैं, हाल ही में दोषी पवन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दया याचिका दाखिल की थी जिसे राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है। इसके बाद अब इन चारों दोषियों के पास सभी कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं, मतलब साथ है कि उन्हें फांसी चढ़ना होगा।
दोषियों के पास कोई विकल्प न बचने और पवन की दया याचिका खारिज होने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन अब पटियाला हाउस कोर्ट में नए डेथ वारंट की अपील करेगा। मीडिया में आ रही खबरों की माने तो मार्च में ही चारों दोषियों को फांसी हो जाएगी।
वकील सीमा कुशवाहा ने बताया कि हम दिल्ली की अदालत में नई याचिका डाल रहे हैं ताकि दोषियों के फांसी की नई तारीख तय हो सके। सभी दोषी अपने सभी कानूनी अधिकार उपयोग कर चुके हैं। अब जिस तारीख का डेथ वारंट जारी किया जाएगा वह फांसी की अंतिम तारीख होगी। वकील सीमा कुशवाहा निर्भया के माता-पिता की वकील हैं।
बताते चले कि, अभी हाईकोर्ट ने चारों दोषियों की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य जांच कराने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि, याचिका सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि इसे सबसे पहले एनएचआरसी के समक्ष पेश किया जाना चाहिए।