1. हिन्दी समाचार
  2. Bhopal
  3. मुकेश नायक का बीजेपी पर हमला, बोले- ‘जितना कचरा था, वो बीजेपी में चला गया’

मुकेश नायक का बीजेपी पर हमला, बोले- ‘जितना कचरा था, वो बीजेपी में चला गया’

कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने क्रॉस वोटिंग, दल-बदल और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। मुकेश नायक ने दावा किया कि मध्यप्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए।

By: BS Yadav 
Updated:
मुकेश नायक का बीजेपी पर हमला, बोले- ‘जितना कचरा था, वो बीजेपी में चला गया’

भोपाल: मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव और राजनीतिक गतिविधियों के बीच कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस के मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने भोपाल में भाजपा और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।

मीडिया से बातचीत के दौरान मुकेश नायक ने क्रॉस वोटिंग और दल-बदल की राजनीति को लेकर भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जो लोग कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए हैं, वे आज राजनीतिक रूप से हाशिए पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “जितना कचरा था, वह बीजेपी में चला गया है” और अब कोई विधायक भाजपा में जाने की इच्छा नहीं रखता।

मुकेश नायक ने दावा किया कि भाजपा में शामिल हुए कई नेताओं को अपेक्षित राजनीतिक महत्व नहीं मिला और वे संगठन तथा सत्ता में प्रभावी भूमिका निभाने से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में कांग्रेस के जनाधार और संगठन को मजबूती मिल रही है।

राज्यसभा उम्मीदवार तरुण चुघ के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की वित्तीय स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उनके अनुसार प्रदेश का वार्षिक बजट लगभग 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपये है, जबकि राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है।

मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार तक प्रदेश पर लगातार कर्ज का बोझ बढ़ता गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, न कि केवल विकास के दावे करने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि बढ़ते कर्ज का उपयोग किन परियोजनाओं और योजनाओं में किया गया है तथा इसका आम जनता को कितना लाभ मिला है।

फिलहाल राज्यसभा चुनाव, राजनीतिक नियुक्तियों और आर्थिक मुद्दों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक बहस और अधिक गर्माने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...