मध्य प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को एक तीखी प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। भ्रष्टाचार, जल प्रदूषण, बेरोज़गारी और धार्मिक मामलों को लेकर उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। प्रेस वार्ता के दौरान पटवारी के तेवर काफी आक्रामक नजर आए।
प्रेस वार्ता में जीतू पटवारी ने प्रयागराज कुंभ में शंकराचार्य को स्नान से रोके जाने की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस इसकी कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस तरह की घटना असहनीय है। पटवारी के अनुसार यह मामला भाजपा की दोहरी राजनीति को उजागर करता है, जहां एक ओर धर्म की बात की जाती है और दूसरी ओर उसके सर्वोच्च धार्मिक पदों का अपमान होता है।
जल प्रदूषण को लेकर पटवारी ने राहुल गांधी के ट्वीट का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान के बाद मध्य प्रदेश देश का दूसरा सबसे प्रदूषित राज्य बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश का लगभग 70 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। पटवारी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने भ्रष्टाचार छिपाने के लिए सिर्फ दिखावे के तौर पर वृक्षारोपण कराया, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ।
छिंदवाड़ा कांड का ज़िक्र करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि अधिकारी दिनेश कुमार मौर्य पर पहले कार्रवाई की गई, लेकिन बाद में उन्हें पदोन्नत कर दिया गया। उन्होंने इंदौर का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई के बाद उन्हें प्रमोशन दे दिया गया। पटवारी ने यह भी कहा कि पत्रकारों और जनता से अभद्रता करने वाले एक मंत्री पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ‘दाबोश यात्रा’ को लेकर भी पटवारी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस यात्रा पर रोज़ाना करीब 3 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, जबकि सरकार हर दिन लगभग 250 करोड़ रुपये का कर्ज़ ले रही है। पटवारी का आरोप है कि मुख्यमंत्री अपनी जेब से नहीं, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे से प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञापनों के ज़रिए सरकार अपनी नाकामियों को छिपा नहीं सकती।
बेरोज़गारी को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि MPPSC के छात्रों पर लाठीचार्ज कराया गया, जो सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य से छल कर रही है और रोजगार देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। पटवारी ने कहा कि युवा अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
जीतू पटवारी की यह प्रेस वार्ता भ्रष्टाचार, प्रदूषण, बेरोज़गारी और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला मानी जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन आरोपों पर भाजपा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।