कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रवासियों और गरीबों की समस्या को लेकर गुरूवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। स्पीकअप इंडिया कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार दर्द का ऐसा मंजर देखने को मिला। मजदूर नंगे पांव हजारों किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर जाने को मजबूर हुए।
सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार को खजाने का ताला खोलने का अनुरोध किया हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदो को राहत दीजिए और हर गरीब परिवार को प्रतिमाह 7500 रूपये दीजिए। इसके अलावा उन्होंने प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित घर पहुंचाने का भी अनुरोध किया है।
सोनिया गांधी ने कहा, करोड़ो रोजगार चले गए, लाखों धंधे बंद हो गए, किसान को फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। पूरे देश ने इस पीड़ा को झेला लेकिन शायद सरकार को इसका अंदाजा नहीं हुआ है।
सोनिया गांधी ने एक वीडियों जारी कर सरकार से यह आग्रह भी किया कि वह मनरेगा के तहत 200 कामकाजी दिन सुनिश्चित करे और सभी जरूरतमंदों के लिए राशन का प्रबंध करे।