विद्युत विभाग के निजीकरण के विरोध में आज प्रदेश भर में विद्युत कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर है।
ऐसे में बात करें पश्चिम उत्तर प्रदेश की तो पश्चिम उत्तर प्रदेश में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के करीब डेढ़ लाख कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर अड़े हैं।
मेरठ में ऊर्जा भवन पर कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। जिसमें 1000 से ज्यादा कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस दौरान आक्रोशित कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगे मनमानी के लिए अडिग नजर आए।
कर्मचारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार की पॉलिसी ना तो जनता के हित में हैं और ना ही कर्मचारी और सरकार के हित में हैं।
ऐसे में निजीकरण क्यों किया जा रहा है इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए निजीकरण किया जा रहा है जिसका कर्मचारी खुलकर विरोध कर रहे हैं।
इस आंदोलन को कर्मचारी ही नहीं विद्युत विभाग के आला अधिकारी भी शामिल है।